
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अयोध्या के रानोपाली स्थित उदासीन आश्रम में आयोजित गुरु पर्व महोत्सव के समापन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान स्थानीय विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने रक्षा मंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका भव्य अभिनंदन किया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अयोध्या पहुंचने पर रक्षा मंत्री ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और श्रीराम मंदिर में पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया। उदासीन आश्रम में संतों ने माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने अयोध्या को केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं बल्कि चेतना, संस्कृति और सभ्यता का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने इस पावन धरती से पूरी दुनिया को धर्म, न्याय और मर्यादा का संदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संरक्षण में प्रदेश में शासन व्यवस्था और सनातन व्यवस्था दोनों उत्कर्ष की ओर बढ़ रही हैं।
संस्कृत और वैदिक गणित के महत्व पर प्रकाश डालते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि संस्कृत देव भाषा और आध्यात्म की भाषा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ दोबारा सरकार बनाते हैं, तो वह सभी विद्यालयों में वैदिक गणित पढ़ाने का विशेष आग्रह करेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि वैदिक गणित की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में भी इसकी शिक्षा दी जाती है। श्री नारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रसन्नता जताई, हालांकि आचार संहिता लागू होने के कारण वह इसका औपचारिक उद्घाटन नहीं कर सके। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में संतों के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि संतों ने जेल की यातनाएं सहीं और बड़े बलिदान दिए, जिनके त्याग को हमेशा याद रखा जाएगा।