लखनऊ । प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत परिवहन मंत्री के निर्देश पर परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने प्रयागराज के यात्री मालकर अधिकारी रणवीर सिंह चौहान के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। निलम्बन अवधि में चौहान परिवहन आयुक्त कार्यालय मुख्यालय से सम्बद्ध रहेंगे।परिवहन आयुक्त के अनुसार उप परिवहन आयुक्त, कानपुर परिक्षेत्र ने प्रयागराज के प्रवर्तन दल के एक वाहन में एक निजी व्यक्ति को नोट गिनते हुए देखे जाने की जानकारी दी थी। यह वाहन यात्री मालकर अधिकारी प्रयागराज के नाम से संबद्ध है। जांच के दौरान प्रवर्तन वाहन में निजी व्यक्ति द्वारा नकदी गिनते हुए दिखाई देने और मौके पर यात्री मालकर अधिकारी तथा प्रवर्तन स्टाफ के मौजूद नहीं होने की बात सामने आई, जिसे गंभीर रूप से आपत्तिजनक माना गया है। इस मामले में प्रथम दृष्टया रणवीर सिंह चौहान को जिम्मेदार पाया गया है।परिवहन विभाग के मुताबिक उक्त निजी व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। आरोप है कि प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान निजी व्यक्ति के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही थी। परिवहन आयुक्त ने कहा कि इससे प्रथम दृष्टया यह भी प्रतीत होता है कि चौहान का अपने अधीनस्थ स्टाफ पर प्रभावी नियंत्रण नहीं था। इस घटना से विभाग की छवि प्रभावित हुई है।निलम्बन अवधि में रणवीर सिंह चौहान को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता तथा अर्ध औसत वेतन अथवा अर्ध वेतन पर देय अवकाश के बराबर राशि देय होगी। इसके साथ ही उक्त राशि पर नियमानुसार देय महंगाई भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।रणवीर सिंह चौहान के विरुद्ध शुरू की गई अनुशासनिक कार्रवाई की जांच के लिए उप परिवहन आयुक्त (नगर परिवहन), उत्तर प्रदेश बी.के. सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें जांच प्रक्रिया पूरी कर एक माह के भीतर जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।