बस्ती पहुंचे सुभासपा अध्यक्ष ने सपा के अंदरूनी कलह और कांग्रेस पर साधा निशाना
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को बस्ती में एक निजी कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के पुनर्गठन और आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उत्तर प्रदेश का विभाजन होता है और पूर्वांचल एक नया राज्य बनता है, तो वहां मुख्यमंत्री की कुर्सी पर राजभर समाज का बेटा बैठेगा।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल, मध्यांचल, बुंदेलखंड और हरित प्रदेश के रूप में चार भागों में बांटने की मांग काफी पुरानी है। पूर्वांचल क्षेत्र में राजभर समाज की मजबूत जनसांख्यिकी और आबादी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि नया राज्य बनने पर समाज को उसकी आबादी के अनुसार ही पूर्ण राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नेतृत्व का अधिकार मिलना तय है।
जातीय जनगणना और आरक्षण में वर्गीकरण पर जोर
ओमप्रकाश राजभर ने जातीय जनगणना की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 27 प्रतिशत आरक्षण के न्यायसंगत बंटवारे की मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ सभी पिछड़ी जातियों तक समान रूप से पहुंचाने के लिए आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी और आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण (Categorization) लागू किया जाना चाहिए।
विपक्षी दलों पर राजनीतिक हमला
समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सपा की अंदरूनी गुटबाजी और कलह अब पूरी तरह सार्वजनिक हो चुकी है। वहीं कांग्रेस नेता इमरान मसूद के बयानों से जुड़े सवाल पर उन्होंने गेंद कांग्रेस आलाकमान के पाले में डालते हुए कहा कि इस पर अंतिम निर्णय राहुल गांधी और पार्टी नेतृत्व को ही करना है।
राहुल गांधी द्वारा छात्र आंदोलन से जुड़े दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि छात्रसंघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जीत ने स्पष्ट कर दिया है कि देश का युवा किसके साथ है, और नतीजों ने स्वयं इसका जवाब दे दिया है।