कला साहित्य संस्थान खोलोगे बिकमत सिक्किम के नामची शहर में 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस का आयोजन किया जिसमें नामची शहर के हिंदी और नेपाली भाषा के साहित्यकार ने हिंदी को राजभाषा से राष्ट्रभाषा बनाने का संकल्प लिया साथ ही साथ संस्थान के अध्यक्ष गोकुल राई ने कहा हम भारत में रहते हैं यहा बहुत सी भाषा बोली जाती है सभी भाषाओं का अपना सम्मान बराबर है और सभी भाषाओं के द्वारा ही हिंदी भारत की सिरमौर भाषा बनकर राष्ट्र की भाषा बन सकती है कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अंतराष्ट्रीय हिंदी प्रचारक प्रो मुकेश मिश्र ने कहा ‘एक राष्ट्रभाषा हिन्दी हो एक ह्रदय हो भारत जननी’ उन्होंने बताया हिंदी भारत के बाहर एक सौ पचहत्तर विश्वविद्यालय में पढ़ाई जाती है फीजी और मारिशस में सामान्यतः सभी हिंदी, भोजपुरी में बोलते हैं उन्होंने कहा सभी भारतीय भाषाएं सहोदर होकर हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने में अपना सहयोग दे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाली कहानी के प्रमुख हस्ताक्षर
थीरूप्रसाद। नेपाल ने कहा सभी भाषाओं के सहयोग से हिंदी राष्ट्रभाषा बनने के लिए तत्पर है उन्होंने नेपाली साहित्य के अनुवादक सुभाष दीपक पर चर्चा करते हुए नेपाली भाषा और साहित्य को विश्व जनों तक पहुंचाने में उनके योगदान को रेखांकित किया साथ ही साथ नेपाली साहित्यकारों ने नेपाली और हिंदी में अपनी कविताओं का वाचन कर मंत्रमुग्ध कर दिया!