स्वामी दयानंद विद्यालय में धूमधाम से मनाया गया ‘हिंदी दिवस’ बच्चों को बताया हिंदी का गौरवशाली इतिहास
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। स्वामी दयानंद विद्यालय सुरतीहट्टा में ‘हिंदी दिवस’ का आयोजन बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों की धूम रही, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वर स्तुति के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के प्रधानाध्यापक आदित्य नारायण गिरि ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं और बच्चों को हिंदी दिवस के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया।
छात्रों को हिंदी दिवस के इतिहास की जानकारी देते हुए प्रधानाध्यापक आदित्य नारायण गिरि ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया था कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। इसी ऐतिहासिक निर्णय को याद रखने और अपनी राष्ट्रभाषा के प्रति सम्मान जगाने के उद्देश्य से हर साल 14 सितंबर को ‘हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आधिकारिक रूप से 1953 से इस दिन को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए हिंदी के इतिहास और उपयोगिता बताते हुए कहा कि हिंदी भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की संवाहक रही है। देश को एक सूत्र में पिरोने में हिंदी की भूमिका अतुलनीय है। हिंदी हमारी अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम है। अपनी भाषा पर गर्व करना ही हमारी सच्ची देशभक्ति है। तकनीक और डिजिटल युग में भी हिंदी का दायरा वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ा है। हमें इसके शुद्ध उच्चारण और सही लेखन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने हिंदी कविता पाठ, भाषण प्रस्तुत किया।में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
अंत में, प्रधानाध्यापक गिरि ने सभी बच्चों को दैनिक जीवन में अधिक से अधिक हिंदी का सम्मानपूर्वक प्रयोग करने और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।