यूरोकिड्स एवं दिल्ली पब्लिक सीनियर स्कूल में ‘हिंदी दिवस’ पर विविध प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन; वाद-विवाद व भाषण में बच्चों ने दिखाया हुनर
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। पचपेड़िया रोड स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान दिल्ली पब्लिक सीनियर स्कूल एवं यूरोकिड्स प्री-स्कूल प्रांगण में 14 सितंबर को ‘हिंदी दिवस’ अत्यंत उत्साह और गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और भाषाई कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाद-विवाद (डिबेट) एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें चारों सदनों (रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू) के विद्यार्थियों ने पूरे जोश के साथ प्रतिभाग किया।
मातृभाषा हमारी पहचान और संस्कृति का आधार: प्रबंधक अमन मणि पांडेय
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विद्यालय के प्रबंधक अमन मणि पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर आयोजन की शुरुआत की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मीयता का प्रतीक है। उन्होंने आधुनिक युग में तकनीक और वैश्विक स्तर पर हिंदी के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से अपनी भाषा और मूल्यों पर गर्व करने का आह्वान किया।
प्राचार्या अर्चना पांडेय ने विजेताओं को किया पुरस्कृत, बताया भाषा का महत्व
विद्यालय की प्राचार्या अर्चना पांडेय ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि ऐसी साहित्यिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल को निखारती हैं। उन्होंने बच्चों के उच्च भाषाई स्तर और प्रस्तुति की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्राचार्या ने सभी प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और सफल विजेताओं को मेडल व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रतियोगिताओं के परिणाम
सदनवार आयोजित प्रतियोगिताओं में कड़े मुकाबले के बाद परिणाम इस प्रकार रहे:
वाद-विवाद प्रतियोगिता (Debate Competition):
विजेता: ग्रीन हाउस (उत्कृष्ट तार्किक प्रस्तुति)
भाषण प्रतियोगिता (Speech Competition):
प्रथम स्थान: प्रणव (येलो हाउस)
द्वितीय स्थान: वैष्णवी (ग्रीन हाउस) एवं श्रेया (रेड हाउस)
तृतीय स्थान: लक्ष्य (ग्रीन हाउस)
सांत्वना पुरस्कार (Consolation Prize): शाश्वत पांडेय (ब्लू हाउस) रूही यादव (रेड हाउस)
अकादमिक इंचार्ज दिव्या पाठक ने प्रतियोगिता की रूपरेखा व महत्व को किया रेखांकित
कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा तैयार करने एवं शैक्षणिक संचालन में विद्यालय की अकादमिक इंचार्ज दिव्या पाठक ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विचार अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त और स्वाभाविक माध्यम मातृभाषा ही है। जब बच्चे बेझिझक अपनी भाषा में विचार रखते हैं, तो उनकी बौद्धिक व रचनात्मक क्षमता का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने प्रतियोगिताओं के नियमों, समय-प्रबंधन और सदनवार समन्वय को पूरी कुशलता के साथ संचालित कराया।
वाइस प्रिंसिपल दिनेश त्रिपाठी ने जताया आभार
विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल दिनेश त्रिपाठी ने विद्यार्थियों के ओजस्वी वक्तव्य और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल के राष्ट्र निर्माता हैं, और अपनी मातृभाषा को समृद्ध बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने सभी अतिथियों, निर्णायक मंडल और शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिक्षिकाओं का रहा सराहनीय योगदान
इस पूरे आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं—नीलम चौधरी, लक्ष्मी वर्मा, रिचिका सिंह, आयाज अहमद,प्रिया पांडेय, रश्मि शुक्ला, दीपांजलि एवं नंदिनी गडिया, आफताब शेख, उत्कर्ष श्रीवास्तव, प्रीति—ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बच्चों की तैयारी, मंच संचालन तथा निर्णायक मंडल के साथ समन्वय में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया और सभी ने हर्षोल्लास के साथ हिंदी दिवस के इस पावन पर्व का समापन किया।