फोन-पे पर नाम सर्च कर क्राइम ब्रांच का डर दिखाकर ठगी करने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना बस्ती पुलिस ने CY-VAJRA अभियान के अंतर्गत फोन-पे और गूगल-पे पर मोबाइल नंबर सर्च कर लोगों का नाम पता करने तथा खुद को क्राइम ब्रांच लखनऊ का अधिकारी बताकर ठगी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है।
पुलिस अधीक्षक बस्ती डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामाकांत के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी साइबर कुलदीप यादव के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना विजय नारायण मिश्रा की टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य गुप्ता (28) निवासी छपिया, जनपद गोंडा, हाल निवासी दक्षिण दरवाजा, पुरानी बस्ती और अजय सिंह चौहान (24) निवासी गुजैनी, कानपुर नगर, मूल निवासी चौबेपुर, कानपुर देहात के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम बस्ती में मुकदमा संख्या 21/2026 के तहत बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 308(2), 61(2), 317(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66सी और 66डी में मुकदमा दर्ज है। पूछताछ में आरोपियों ने करीब दो वर्षों से साइबर अपराध में संलिप्त होने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों और सिम की व्यवस्था कर अपने साथियों को उपलब्ध कराते थे तथा ठगी की रकम में हिस्सा लेते थे।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले फोन-पे या गूगल-पे पर किसी मोबाइल नंबर को सर्च कर उसके धारक का नाम पता करते थे। इसके बाद फोन कर खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते और पीड़ित को डराते थे कि उसके खिलाफ अश्लील वीडियो देखने के मामले में केस दर्ज होने वाला है। आरोपी कथित तौर पर 42 पन्नों की सीडीआर मिलने और गिरफ्तारी का भय दिखाते थे।
इसके बाद पीड़ित को कोर्ट या थाने से मामला खत्म कराने के नाम पर रकम मांगी जाती थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले हजारों रुपये ट्रांसफर कराते और जब उन्हें पता चलता कि पीड़ित के खाते में और धनराशि है तो अलग-अलग अधिकारियों का रूप धारण कर अतिरिक्त रकम की मांग करते थे। इस तरह पीड़ित के बैंक खाते को खाली करने का प्रयास किया जाता था।
मुकदमे से जुड़े एक मामले में आरोपियों ने पुलिस से गिरफ्तार होने और मुकदमे में फंसने का भय दिखाकर एक व्यक्ति से 11 हजार रुपये ठगे थे।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्रा, भगवान सिंह, उपनिरीक्षक जावेद खान, हेड कांस्टेबल अंगद मौर्या, ऋषिवेद तिवारी, पवन यादव तथा कांस्टेबल जितेन्द्र यादव, इशांत कुमार और अमित कुमार झा शामिल रहे।
पुलिस अधीक्षक ने अपील की है कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल� पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने लोगों से किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करने की अपील की है।