जनगणना में ओबीसी सहित सभी जातियों की जातिगत गणना शामिल करने की उठी मांग, भारत मुक्ति मोर्चा ने सांसद प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन

जनगणना में ओबीसी सहित सभी जातियों की जातिगत गणना शामिल करने की उठी मांग, भारत मुक्ति मोर्चा ने सांसद प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन

बस्ती।  भारत मुक्ति मोर्चा जिलाध्यक्ष राम अवतार पासवान और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनील यादव के नेतृत्व में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2027 की प्रस्तावित राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी की अलग से गणना तथा सभी जातियों की जातिगत जनगणना शामिल किए जाने की मांग को लेकर सांसद राम प्रसाद चौधरी के प्रतिनिधि जवाहरलाल वर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भारत मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता समर्थन में मौजूद रहे।

ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2027 की जनगणना के हाउस लिस्टिंग एवं जनसंख्या गणना दोनों चरणों में ओबीसी की जनगणना और सभी जातियों की जातिगत गणना अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

ज्ञापन सौंपने के बाद भारत मुक्ति मोर्चा के पूर्वांचल जोन अध्यक्ष आर के आरतियन ने कहा कि कि जनगणना के आंकड़े देश की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक नीतियों के निर्माण के साथ-साथ योजनाओं एवं संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार होते हैं। यदि ओबीसी एवं अन्य जातियों के वास्तविक और आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे तो सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप नीतियों का निर्माण अधूरा रहेगा। संगठन ने मांग की कि जनगणना प्रपत्रों, डिजिटल पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन में आवश्यक संशोधन कर प्रत्येक नागरिक को अपनी जाति का सही विवरण दर्ज करने का अवसर दिया जाए।

बीएमपी मंडल अध्यक्ष हृदय गौतम और मंडल उपाध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा राम सुमेर यादव ने कहा कि जनगणना पूरी होने के बाद सभी जातियों के आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं, ताकि वास्तविक आंकड़ों के आधार पर कल्याणकारी योजनाएं एवं नीतियां तैयार की जा सकें। साथ ही भारत सरकार से आवश्यक अधिसूचना एवं प्रशासनिक निर्देश जारी कर यह सुनिश्चित करने की भी मांग की गई कि वर्ष 2027 की जनगणना में किसी भी जाति या वर्ग की जानकारी छूटने न पाए। ज्ञापन के माध्यम से सांसद से अनुरोध किया गया कि वे संसद के वर्तमान सत्र में इस विषय को प्रमुखता से उठाकर केंद्र सरकार से आवश्यक कार्रवाई कराने का प्रयास करें।

ज्ञापन सौंपने वालों में चन्द्र प्रकाश गौतम, कृपा शंकर चौधरी, दीपक आर्य, बी.एल. राना नेबूलाल के साथ ही अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।