सम्वर्धन की पहलः मूर्धन्य साहित्यकार गोमती प्रसाद मिश्र ‘अनिल’ सम्मानित

सम्वर्धन की पहलः मूर्धन्य साहित्यकार गोमती प्रसाद मिश्र ‘अनिल’ सम्मानित

 

साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक चेतना के भव्य संगम में हुआ कवि सम्मेलन

 

अनुराग लक्ष्य न्यूज

 

बस्ती। नगर पंचायत नगर बाजार स्थित अटल भवन आदर्श नगर पंचायत के सभागार में आयोजित सम्वर्धन कार्यक्रम साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक चेतना ऐसा भव्य संगम बन गया, जिसने उपस्थित श्रोताओं के हृदय और मस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़ दी। ‘एक शाम साहित्य, संगीत और सम्मान के नाम’ की अवधारणा पर आधारित इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कवियों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने अपनी ओजस्वी, संवेदनशील और विचारोत्तेजक रचनाओं से वातावरण को साहित्यिक रसधारा से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ साहित्यकार गोमती प्रसाद मिश्र ‘अनिल’ की अध्यक्षता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख बहादुरपुर राणा दिनेश प्रताप सिंह के मुख्य आतिथ्य में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उत्कृष्ट साहित्य सृजन, चिंतन और रचनात्मक योगदान के लिए विख्यात कवि, साहित्यकार एवं मूर्धन्य विद्वान गोमती प्रसाद मिश्र ‘अनिल को सम्मानित किया गया।

लखनऊ, बाराबंकी, बस्ती सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए अनेक कवियों और स्वर साधकों ने अपनी उत्कृष्ट काव्य रचनाओं का पाठ किया। ओज, श्रृंगार, हास्य, करुण, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकारों से परिपूर्ण प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित कविताओं ने जहां चिंतन के नए आयाम प्रस्तुत किए, वहीं मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत रचनाओं ने सभागार को बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। कवि सम्मेलन का प्रभाव इतना गहरा रहा कि श्रोता कार्यक्रम के समापन तक अपनी जगहों पर डटे रहे और हर प्रस्तुति का भरपूर आनंद लेते हुए कवियों का उत्साहवर्धन करते रहे।

मुख्य अतिथि राणा दिनेश प्रताप सिंह भी कार्यक्रम की गरिमा और प्रस्तुतियों से अत्यंत अभिभूत दिखाई दिए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का प्रत्येक आयाम अतुलनीय रहा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें स्मरण नहीं पड़ता कि बस्ती जनपद में इससे पूर्व इतनी उच्च कोटि का साहित्यिक आयोजन देखने को मिला हो।

कार्यक्रम के संयोजक तेज प्रकाश शुक्ल ‘तेज’ ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, सहयोगियों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, संस्कारों को सशक्त बनाने और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आयोजन की सफलता का श्रेय सभी साहित्यकारों, सहयोगियों और साहित्यप्रेमियों को दिया।

अपने सम्मान से अभिभूत गोमती प्रसाद मिश्र ‘अनिल’ ने कहा कि साहित्य केवल शब्दों का विन्यास नहीं, बल्कि समाज की आत्मा का सजीव प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि किसी भी रचनाकार के लिए पाठकों और समाज का स्नेह तथा सम्मान सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। उन्होंने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और सृजनधर्मिता से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. रामनरेश सिंह ‘मंजुल’, के.पी. पाण्डेय, कमल किशोर ‘भावुक’ तथा डॉ. दिनेश त्रिपाठी ‘शम्स’ के उद्बोधनों ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। मंच संचालन कुलदीप कलश ने अपनी प्रभावशाली शैली में किया।

काव्यपाठ करने वाले प्रमुख रचनाकारों में डॉ. सर्वेश त्रिपाठी, लोकेश त्रिपाठी, डॉ. राजेश राज, डॉ. विकास भट्ट ‘कामिल’, आदर्श सिंह ‘निखिल’, सुधांशु शुक्ल, सौरभ जायसवाल, रजत मिश्र तथा आकृति तिवारी सहित अनेक कवियों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर नगर पंचायत नगर बाजार की चेयरमैन नीलम सिंह राणा, वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. वीरेन्द्र त्रिपाठी, समाजसेवी भावेश पाण्डेय, भाजपा नेता नीतेश शर्मा, समाजसेवी कृष्ण नन्दन उपाध्याय आदि उपस्थित रहे। संयोजन व्यवस्था में सत्यव्रत मिश्र सत्य के साथ बृजेश तिवारी, विनोद शुक्ल, मनीष चौधरी, विवेक शुक्ल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और कवियों का उत्साहवर्धन किया।