दो महिलाओं समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म कराने की सुनियोजित साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले किशोरी को बहला-फुसलाकर घर से दूर ले गए, फिर उसे अलग-अलग स्थानों पर रखने के बाद पीजीआई क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहराया, जहां मुख्य आरोपी ने उसके साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।पुलिस के अनुसार 24 जुलाई को पीड़िता के परिजनों ने मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 16 वर्षीय बेटी 17 जुलाई से लापता थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। बाद में सूचना मिली कि गांव के ही दुर्गेश रावत और उसकी पत्नी खुशबू किशोरी को अपने साथ ले गए थे। जब परिजनों ने किशोरी को बरामद किया तो उसने पूरी घटना बताई।पीड़िता के अनुसार 18 से 20 जुलाई के बीच राबिया और उसका पति विनोद रावत उसे मोटरसाइकिल से पीजीआई क्षेत्र के एक होटल में ले गए, जहां उसे कमरे में रखा गया। आरोप है कि राबिया ने अपने परिचित द्वारिका रैदास को वहां बुलाया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म कराया। पीड़िता ने बताया कि इस दौरान उसे अपनी इच्छा के विरुद्ध होटल में रोककर रखा गया और लगातार शोषण किया गया।शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया। विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने किसान पथ के पास पूरनपुर गांव से मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास, विनोद रावत, दुर्गेश रावत, खुशबू और राबिया को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास ने अन्य आरोपियों की मदद से वारदात को अंजाम दिया। वहीं विनोद, दुर्गेश और खुशबू ने साझा साजिश के तहत किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने कब्जे में लिया, उसे विभिन्न स्थानों पर ले जाकर रखा और मुख्य आरोपी तक पहुंचाने में सहयोग किया। जांच में यह भी पाया गया कि राबिया ने होटल में कमरा उपलब्ध कराने और मुख्य आरोपी को बुलाकर वारदात कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि गिरफ्तार आरोपी दुर्गेश रावत के खिलाफ पहले से मारपीट और शस्त्र अधिनियम के दो मुकदमे दर्ज हैं, जबकि मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास के विरुद्ध भी मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का एक आपराधिक मामला पहले से दर्ज है।पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।