मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण नोटिस रद करने तथा दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध मे सीरत वेलफेयर कमेटी ने दिया ज्ञापन
बहराइच।सामाजिक संगठन सीरत वेलफेयर कमेटी ( रजि) बहराइच द्वारा उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्ती करण नोटिस निरस्त किए जाने तथा दिल्ली स्थित जंतर- मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्र-छात्राओं व युवाओं पर की गई लाठी चार्ज की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन पत्र नगर मजिस्ट्रेट को दिया गया।
सीरत वेलफेयर कमेटी के सचिव शादाब हुसैन ने कहा कि सरकार स्वयं शैक्षिक सुधार एवं शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं लागू करती है जिससे देश व राज्यों के नागरिक अच्छी व उच्च- स्तरीय शिक्षा हासिल कर सकें।उन्होंने कहा कि दूसरी ओर उपरोक्त विश्वविद्यालय संचालन के लगभग 10 वर्ष बाद पूर्वाग्रह से ग्रसित राज्य सरकार की मंशा अनुसार उपाध्यक्ष, रामपुर विकास प्राधिकरण ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर की 38 इमारतों का मात्र नक्शा स्वीकृत न होने के कारण ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी करना अपने आप में हास्यास्पद व वर्तमान सरकार पर प्रश्न चिन्ह है।इसके साथ ही शिक्षा के सुधार एवं पेपर लीक व्यवस्था को लेकर दिल्ली स्थित जंतर- मंतर पर शुरू किए गए धरना- प्रदर्शन के दौरान समाजसेवी व पर्यावरण विद् सोनम वांगचुक को नाटकीय ढंग से पुलिस द्वारा उठाया जाना एवं गत 20 जुलाई 2026 को अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं व युवाओं पर जिस बर्बरता के साथ लाठी चार्ज व आंसू गैस के गोले दागे गए,उसकी हम सब कड़ी निंदा करते हैं।
देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों पर पिटाई के दृश्य को देखकर हम भारतवासियों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं और सोचने पर मजबूर होना पड़ा की इतने क्रूर तो अंग्रेज भी नहीं थे।इस प्रकार हम सब आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि उपरोक्त दोनों प्रकरण शिक्षा से संबंधित हैं जो भारत का भविष्य और शिक्षा के अधिकार का विषय है। इसलिए आप इसे गंभीरतापूर्वक स्वयं
संज्ञान व देश हित में निर्णय लेकर नए भारत का सपना साकार करने की कृपा करें। हम सब इस संगठन द्वारा आपसे मांग करते हैं कि- उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण संबंधी नोटिस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के रोजगार एवं हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य को बर्बाद होने से बचाया जाए,
विश्वविद्यालय को नियमानुसार नक्शा स्वीकृत करने तथा शमन की प्रक्रिया का अवसर प्रदान किया जाए जिससे छात्रों की शिक्षा बाधित न हो,बीती 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर- मंतर स्थित छात्र-छात्राओं व युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर की गई बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज की उच्च स्तरीय जांच कराकर इस अमानवीय घटना के दोषियों को सख्त सजा दी जाए,
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग के अनुसार पेपर लीक के जिम्मेदार केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाया जाए,लाठी चार्ज व आंसू गैस गोले से संभावित मृतकों के परिवार वालों को एक-एक करोड़ रुपए तथा घायलों को 25-25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए,देश के बेरोजगार युवाओं को उनकी शैक्षिक योग्यता व पात्रता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाए अथवा उन्हें ₹25 हजार प्रतिमाह भत्ता दिया जाए।
इस अवसर पर डा अजीमुल्ला खान,मौलाना शाहिद नदवी,मौलाना सरवर कासमी,मौलाना शाहिद अख्तर,शकील मिर्जा,शादाब अन्सारी,शेख रियाजुद्दीन एडवोकेट,वसी उल्ला कासमी,हाजी आसिफ खान,सैय्यद अकरम सईद, मो0 शुएब ,मुबीन अहमद,रियाजुद्दीन खां,राज कुमार यादव,रिंकू यादव व वली मोहम्मद आदि मौजूद रहे।