5 सूत्रीय मांगों को लेकर भाकपा माले ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
दमन का रास्ता बंद करे मोदी सरकार- का. अशर्फीलाल
बस्ती। सोमवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ‘ माले’ के जिला प्रभारी का. रामलौट के नेतृत्व में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को 5 सूत्रीय ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) भंग करने, उसकी जगह जवाबदेह व पारदर्शी परीक्षा प्रणाली स्थापित करने, नई शिक्षा नीति 2020 रद करने, पेपर लीक व भ्रष्टाचार पर रोक लगाने,. सभी के लिए सस्ती, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिये जाने आदि की मांग शामिल है।
राष्ट्रपति को ज्ञापन देने के बाद का. अशर्फीलाल ने कहा कि गत 18 जुलाई को 21 दिनों से अनशन पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन उठाकर ले जाया गया और आइसा के अनशनकारियों का अपहरण करने की पुलिस द्वारा कोशिश की गई। इन दमनात्मक कार्रवाइयों की हम कड़ी निंदा करते हैं। भ्रष्टाचार, पेपर लीक और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के सुनियोजित विनाश के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश का सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। इसलिए मोदी सरकार ने दमन का रास्ता चुना है।
का. रामलौट ने कहा कि आंदोलनकारियों की न्यायसंगत मांगों पर विचार करने के बजाय सरकार ने धमकी, बल प्रयोग और लोकतांत्रिक असहमति के दमन को अपना हथियार बना लिया है। इसके विरूद्ध एकजुट होकर संघर्ष को आगे बढाना होगा।
ज्ञापन देने वालों में रामदयाल, गौरीशंकर, मनीष कुमार, अंकुर गौतम, श्याम मनोहर जायसवाल, विपिन कुमार, अंकुर गौतम, सचिन कन्नौजिया, राम प्रकाश पटेल, रेनूबाला, सुलेखा आदि शामिल रहे।