अयोध्या। आध्यात्मिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए दशकों से ख्यात श्रीमानससेवा समिति (मोहन मंदिर) ने अपने 53 वर्षों के गौरवपूर्ण सफर को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 के लिए अपनी नई प्रबंध कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन कर लिया है। निषादराज चौराहा स्थित श्री रामखेलावन की वाटिका (सुदामा कुटी) में आयोजित साधारण सभा की बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की घोषणा की गई।
नई कार्यकारिणी के पदाधिकारी:
बैठक की अध्यक्षता महंत श्री दामोदरदास जी ‘श्रीवैष्णव’ ने की। सर्वसम्मति से हुए चयन में निम्नलिखित दायित्व निर्धारित किए गए। संरक्षक: महंत श्री नृत्यगोपालदास जी महाराज।
संस्थापक एवं संरक्षक (पदेन) डॉ. मनमोहन सरकार।
अध्यक्ष शेषमणि मिश्र।
उपाध्यक्ष महंत श्री दामोदरदास जी ‘श्रीवैष्णव’ एवं देवप्रकाश श्रीवास्तव। मंत्री डॉ. संजय कुमार पांडेय। सहमंत्री विष्णुप्रसाद नायक एवं शत्रुजीत सिंह।
संयोजक: संजय कुमार मिश्र।
कोषाध्यक्ष चक्रधारी पांडेय।
आय-व्यय निरीक्षक कृष्णचंद्र मणि सिंह।साथ ही, डॉ. वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, डॉ. स्वदेश मल्होत्रा ‘रश्मि’, जे.पी. चौरसिया, विनय कुमार श्रीवास्तव, डॉ. गयाप्रसाद सिंह, अशोक आलोक द्विवेदी, प्रदीप कुमार चौधरी, अशोक कुमार सिंह, डॉ. अलकेश पाठक, साधूशरण पाठक, लालचंद शर्मा, संकल्प तिवारी, पंकज सिंह एवं प्रत्यूष उपाध्याय को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया।
संस्कृति और साहित्य के प्रति संकल्प नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री शेषमणि मिश्र ने कहा कि समिति की 53 वर्षों की यात्रा में ‘मानस-मुक्तामणि’ पत्रिका का अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने संस्थापक डॉ. मनमोहन सरकार के आदर्शों को अपनाते हुए कहा कि समिति के विकास और समाज के प्रति सेवा कार्यों को और अधिक विस्तार दिया जाएगा। बैठक में आचार्य विष्णुप्रसाद नायक, डॉ. अलकेशदत्त पाठक और डॉ. स्वदेश मल्होत्रा ‘रश्मि’ ने पत्रिका के नियमित प्रकाशन और रचनात्मक कार्यों पर जोर दिया। डॉ. संजय कुमार पांडेय ने समिति की प्रगतिशील भूमिका की सराहना की। अंत में, डॉ. मनमोहन सरकार ने समिति की सफलता का श्रेय प्रभु कृपा और सदस्यों के समर्पण को दिया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री डॉ. संजय कुमार पांडेय ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया।