स्कूली वाहनों पर सख्ती: 01 से 15 जुलाई तक चलेगा ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान
बिना फिटनेस-परमिट वाहनों पर कड़ी कार्रवाई, 7 जुलाई तक दी गई अंतिम चेतावनी
अभिभावकों को भी किया जाएगा जागरूक, नियम उल्लंघन पर स्कूलों की मान्यता तक हो सकती है रद्द
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर, जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 01 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत सभी स्कूली वाहनों की शत-प्रतिशत फिटनेस एवं वैध परमिट सुनिश्चित कराए जाएंगे, साथ ही विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रियंवदा सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार यह अभियान प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है, जिसमें परिवहन विभाग की प्रशासन एवं प्रवर्तन शाखा संयुक्त रूप से बहुस्तरीय कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि बिना फिटनेस एवं बिना परमिट संचालित हो रहे स्कूली वाहनों के संबंध में संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नोटिस, व्यक्तिगत संपर्क एवं फोन के माध्यम से सचेत किया जा रहा है, ताकि वे 07 जुलाई तक सभी वाहनों की फिटनेस और परमिट सुनिश्चित कर लें।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अभिभावकों को भी सचेत किया जाएगा, ताकि वे अपने बच्चों के परिवहन में उपयोग हो रहे वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति सतर्क रहें और आवश्यक जानकारी प्राप्त करें।
एआरटीओ ने बताया कि 07 जुलाई तक नोटिस, बैठक, जागरूकता और भौतिक निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 08 जुलाई से 15 जुलाई तक पुलिस, यातायात एवं शिक्षा विभाग के समन्वय से सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान बिना परमिट, बिना फिटनेस या सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे वाहनों के विरुद्ध चालान एवं निरुद्ध करने की कार्रवाई होगी। साथ ही, ऐसे निजी वाहनों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी जो नियमों का उल्लंघन करते हुए स्कूली बच्चों का परिवहन कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि असुरक्षित एवं अनफिट वाहनों को तब तक नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक वे वैध परमिट एवं फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं कर लेते। ऐसे वाहनों की सूची विद्यालय के नाम सहित जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी, ताकि बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सके।