अयोध्या में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई मां सरयू जयंती, 5100 दीपों की महाआरती से जगमगाया तट

 

महंत बालयोगी रामदास के सानिध्य में भव्यता के साथ संपन्न हुआ आयोजन

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। श्रीराम नगरी अयोध्या में ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को मां सरयू जयंती श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। पुण्यसलिला सरयू के तट पर दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम अनवरत चलता रहा। इस अवसर पर करतलिया बाबा आश्रम में मां सरयू का दिव्य श्रृंगार और भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसने पूरे तट को अलौकिक आभा से आलोकित कर दिया। परंपरा और आस्था का संगम दिव्य मां सरयू आरती सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मां सरयू का आकर्षक फूल बंगला सजाया गया। सायंकाल 5100 बत्तियों के साथ की गई भव्य महाआरती आकर्षण का केंद्र रही। आरती के पश्चात दीपदान और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
चार पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा
करतालिया बाबा आश्रम के महंत एवं दिव्य मां सरयू आरती सेवा समिति के अध्यक्ष बालयोगी रामदास ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही मां सरयू का अवतरण हुआ था। उन्होंने कहा, “मां सरयू जयंती का यह आयोजन हमारे आश्रम में पिछले चार पीढ़ियों से निरंतर होता आ रहा है। यह परंपरा करतलिया बाबा सरकार के समय से अनवरत जारी है, जिसे हम पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ निभा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार प्रातःकाल मां को भोग अर्पित किया जाता है और सायंकाल दिव्य आरती का आयोजन होता है। अतिथियों ने की सुख-समृद्धि की कामना
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ ने मां सरयू की आरती उतारकर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। इस दौरान सरयू तट पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। दीपों की रोशनी से जगमगाते तट के दृश्य को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।