असहायक शिक्षकों और स्कूलों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन

असहायक शिक्षकों और स्कूलों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन

 

स्थायी नियुक्ति, मानदेय और शिक्षा व्यवस्था सुधार की उठी मांग

 

पुराने स्कूलों के लिए मानकों में छूट देने की भी अपील

 

जितेन्द्र पाठक

 

संतकबीरनगर। अखिल भारतीय असहायक शिक्षक संघ, संत कबीर नगर द्वारा मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों और विद्यालयों से जुड़ी गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है।

 

संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश चन्द्र द्विवेदी एवं जिलाध्यक्ष परवेज अख्तर के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में असहायक शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। बताया गया कि प्रदेश के लाखों असहायक शिक्षक वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं, लेकिन उन्हें आज तक न तो स्थायित्व मिला है और न ही उचित मानदेय व सामाजिक सुरक्षा।

 

ज्ञापन में 5 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें 5 वर्ष से अधिक सेवा दे रहे शिक्षकों को स्थायी पद देने, न्यूनतम ₹5000 मासिक मानदेय, ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, सेवाकाल में मृत्यु होने पर ₹20 लाख आर्थिक सहायता तथा बिना निष्पक्ष जांच गिरफ्तारी न करने की मांग शामिल है।

 

इसके साथ ही संघ ने एक अन्य ज्ञापन के माध्यम से पूर्व से मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की समस्याओं को भी उठाया है। बताया गया कि नए मानकों, विशेषकर भूमि संबंधी कठोर नियमों के कारण पुराने विद्यालयों के उन्नयन एवं मान्यता से जुड़े कार्य बाधित हो रहे हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित विद्यालय अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

 

संघ ने मांग की है कि ऐसे पुराने विद्यालयों के लिए नवीन मानकों में शिथिलीकरण प्रदान किया जाए, ताकि उनका संचालन एवं उन्नयन सुचारू रूप से जारी रह सके।

 

संघ के जिलाध्यक्ष परवेज अख्तर ने कहा कि यदि शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।