अयोध्या।
धर्मनगरी अयोध्या स्थित सिद्धपीठ राघव मंदिर, निर्मोही बाजार में रविवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कृष्ण रासायन कथा का शुभारंभ हुआ। 7 जून से 13 जून तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में राजस्थान, बिहार, धौलपुर, कोटा सहित विभिन्न राज्यों से आए लगभग 100 से अधिक श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।
कथा के शुभारंभ अवसर पर आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन केवल कथा श्रवण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम और ठाकुर जी के चरणों से जोड़ने का एक आध्यात्मिक प्रयास है। कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए चाय-नाश्ता, दो समय भोजन एवं आवास की समुचित व्यवस्था भी की गई है।
राघव मंदिर से वर्षों से जुड़े श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पिछले 25-30 वर्षों से इस स्थान से जुड़े हुए हैं। पहले यहां पुराना मंदिर था, लेकिन अब भगवान राघव जी की कृपा से भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है। उनका कहना है कि कथा के वास्तविक श्रोता और आयोजक स्वयं भगवान राघव जी ही हैं।
इस अवसर पर श्रीराघवेन्द्र ब्राह्मण महासभा से जुड़े सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद श्रीराम मंदिर का निर्माण होना पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में बैठकर सात दिनों तक रामकथा और भागवत कथा श्रवण का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कार्यक्रम संयोजक ज्ञानेंद्र सोढ़ी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से देशभर के श्रद्धालुओं को इस पुनीत आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर मिला है।
राघव मंदिर के महंत कुलदीप दास महाराज ने बताया कि श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मंदिर में गुरु-शिष्य परंपरा के अनुसार आने वाले सेवकों और श्रद्धालुओं से किसी प्रकार का किराया या कक्ष शुल्क नहीं लिया जाता। गरीब एवं दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए मंदिर की सेवाएं निशुल्क उपलब्ध रहती हैं।
महंत कुलदीप दास ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है और यह जनकल्याण का माध्यम बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में अयोध्या आकर श्रीरामलला, राघव सरकार, हनुमानगढ़ी, कनक भवन सहित अन्य पवित्र स्थलों के दर्शन करने का आह्वान किया।
सात दिनों तक चलने वाला यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु कथा श्रवण के साथ अयोध्या के प्रमुख तीर्थ स्थलों का भी दर्शन करेंगे।