भगवान श्रीकृष्ण व माता रुक्मिणी का विवाह प्रेम व आदर्श का प्रतीक हैःआचार्य डॉ महेश दास जी महाराज

भगवान श्रीकृष्ण व माता रुक्मिणी का विवाह प्रेम व आदर्श का प्रतीक हैःआचार्य डॉ महेश दास जी महाराज

 

बस्ती। जनपद के ग्राम मेहनौना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास डॉ. आचार्य महेश दास जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के रुक्मिणी विवाह प्रसंग का ऐसा भावपूर्ण एवं हृदयस्पर्शी वर्णन किया कि उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा पंडाल “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से गूंज उठा।

 

कथा के दौरान महाराज श्री ने बताया कि किस प्रकार विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन ही मन अपना पति स्वीकार किया और उन्हें पत्र लिखकर अपनी व्यथा व्यक्त की। उन्होंने विस्तार से वर्णन किया कि रुक्मिणी जी का विवाह शिशुपाल से तय कर दिया गया था, किंतु उनका हृदय तो द्वारकाधीश श्रीकृष्ण को समर्पित था। जैसे ही श्रीकृष्ण को रुक्मिणी का संदेश मिला, वे तुरंत विदर्भ पहुंचे और रुक्मिणी हरण कर उनका विधिवत विवाह संपन्न कराया। इस प्रसंग का वर्णन करते हुए आचार्य जी ने भक्ति, समर्पण और अटूट विश्वास का महत्व समझाया।

उन्होंने कहा कि रुक्मिणी विवाह केवल एक ऐतिहासिक या पौराणिक घटना नहीं, बल्कि यह आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। जब भक्त पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान को पुकारता है, तो प्रभु स्वयं उसके कष्ट हरने के लिए दौड़े चले आते हैं।

 

कथा के मुख्य यजमान हनुमान प्रसाद दुबे एवं उनकी धर्मपत्नी सुमित्रा देवी ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर कथा का रसपान किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य ग्राम में आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करना और नई पीढ़ी को धर्म एवं संस्कारों से जोड़ना है।

 

कथा के दौरान भजन-कीर्तन ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्रामवासियों ने कथा के उपरांत प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

 

कार्यक्रम के समापन पर आचार्य महेश दास जी महाराज ने सभी ग्रामवासियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव की भावना मजबूत होती है। ग्राम मेहनौना में आयोजित यह श्रीमद्भागवत कथा लंबे समय तक श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति की अमिट छाप छोड़ गई।