सेन्ट्रल एकेडमी में नए सत्र की तैयारियां तेज, 12 साल पढ़ाई पर 1 लाख तक स्कॉलरशिप की घोषणा

सेन्ट्रल एकेडमी में नए सत्र की तैयारियां तेज, 12 साल पढ़ाई पर 1 लाख तक स्कॉलरशिप की घोषणा

बस्ती। नए शैक्षणिक सत्र को लेकर सेंट्रल एकेडमी में तैयारियां जोरों पर हैं। विद्यालय प्रबंधक जे.पी. तिवारी और प्रधानाचार्य दीपिका तिवारी ने बताया कि इस वर्ष विद्यार्थियों के लिए विशेष स्कॉलरशिप योजनाओं की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य प्रतिभाशाली और निरंतर अध्ययन करने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करना है। स्कूल प्रशासन के अनुसार यदि कोई छात्र लगातार 10 वर्षों तक विद्यालय में अध्ययन करता है तो उसे 70,000 रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। वहीं 12 वर्षों तक अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को 1,00,000 रुपये तक की स्कॉलरशिप दी जाएगी। खास बात यह है कि यह स्कॉलरशिप समय के साथ बढ़ती जाएगी, यानी महंगाई और समय की मूल्यवृद्धि को ध्यान में रखते हुए राशि में इजाफा किया जाएगा।

विद्यालय प्रबंधक जे.पी. तिवारी ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल किताबी शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान बनाना भी है। स्कूल के अनुसार शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति और नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रबंधन का मानना है कि यदि बच्चा संस्कारी है तो उसकी शिक्षा का महत्व और बढ़ जाता है। इसी सोच के साथ विद्यालय में पढ़ाई के साथ व्यवहारिक और नैतिक शिक्षा को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।

प्रधानाचार्य दीपिका तिवारी ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग पर विशेष फोकस किया जा रहा है। खेल-खेल में शिक्षा देने की पद्धति अपनाई गई है, जिससे बच्चे हंसते-खेलते नई चीजें सीख सकें। नर्सरी और प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए विद्यालय में घर जैसा वातावरण तैयार किया गया है। प्रबंधन का कहना है कि छोटे बच्चे शुरुआती दिनों में स्कूल आने से घबराते हैं, लेकिन शिक्षकों और स्टाफ के सहयोग से उन्हें अपनापन महसूस कराया जाता है। एक सप्ताह के भीतर ही बच्चे मुस्कुराते हुए स्कूल आने लगते हैं और कई बच्चे तो छुट्टी के बाद भी स्कूल में ही रुकने की इच्छा जताते हैं। बेहतर शिक्षा के लिए विद्यालय ने आधुनिक तकनीक को भी अपनाया है। डिजिटल क्लास और स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। साथ ही विद्यार्थियों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। स्कूल में इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक की सुविधा उपलब्ध है, जहां बच्चे ड्रम, तबला और अन्य वाद्य यंत्र बजाना सीख सकते हैं। डांसिंग क्लास और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय का बड़ा प्लेग्राउंड विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यहां क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबॉल के साथ-साथ पारंपरिक खेल जैसे खो-खो और कबड्डी भी खिलाए जाते हैं। प्रबंधन का मानना है कि खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। बताया कि नवीन सत्र में छात्रों को एआई तकनीक की शिक्षा दी जायेगी।

प्रधानाचार्य ने बताया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत भी विद्यालय ने विशेष पहल की है। यदि किसी परिवार में तीन बच्चे हैं तो एक बच्चे की फीस माफ की जाएगी और दो की फीस देनी होगी। चार या पांच बच्चों की स्थिति में एक बच्चे की फीस पूरी तरह माफ और एक की आधी फीस ली जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विशेष रियायत का प्रावधान भी रखा गया है। यदि किसी अभिभावक को आर्थिक समस्या है तो विद्यालय प्रबंधन से बातचीत कर रियायत प्राप्त की जा सकती है। दूरदराज से आने वाले विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। लगभग 20 किलोमीटर तक के क्षेत्र से बच्चों को लाने-ले जाने की व्यवस्था की गई है। सभी स्कूल वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए गए हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विद्यालय का दावा है कि कम बजट में बेहतर सुविधाएं देकर हर वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उनका लक्ष्य है।