सामाजिक बदलाव की मिसाल: निःशुल्क पुस्तकालय के जरिये मिश्रौलिया में जल रही है ज्ञान की लौ
विश्व युवक केंद्र नई दिल्ली के पहल से ग्रामीण युवाओं को मिल रहा निःशुल्क अध्ययन का मौक़ा
मिश्रौलिया में ज्ञान की अलख: निःशुल्क ‘युवा चेतना पुस्तकालय’ बना ग्रामीण युवाओं का संबल
बस्ती: ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की नई रोशनी फैलाते हुए मिश्रौलिया गाँव में संचालित निःशुल्क “युवा चेतना पुस्तकालय” इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। विश्व युवक केंद्र, नई दिल्ली के सहयोग से युवा विकास समिति द्वारा संचालित यह पुस्तकालय क्षेत्र के युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है।
युवा विकास समिति के सचिव बृहस्पति कुमार पाण्डेय नें बताया कि प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में युवा यहाँ पहुँचकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों का अध्ययन कर रहे हैं। पुस्तकालय में एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, शिक्षक भर्ती सहित अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को यहाँ से पुस्तकें घर ले जाकर अध्ययन करने की सुविधा भी पूर्णतः निःशुल्क दी जा रही है।
विश्व युवक केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदय शंकर सिंह के अनुसार ग्रामीण परिवेश में जहाँ संसाधनों का अभाव अक्सर युवाओं के सपनों को सीमित कर देता है, वहीं यह पहल उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है। पुस्तकालय के कारण गाँव में अध्ययन का सकारात्मक वातावरण विकसित हुआ है। युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि देखी जा रही है।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि इस पुस्तकालय ने बच्चों को भटकाव से बचाकर पढ़ाई की ओर प्रेरित किया है। वहीं समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम अधिकारी आनंद कुमार का कहना है कि यह प्रयास दर्शाता है कि सामूहिक सहयोग और संकल्प से ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन संभव है। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।