लखनऊ। प्रदेश सरकार ने सिंचाई खंड हाथरस के कार्य क्षेत्र में आने वाले राजवाहा सिकंदरपुर के किलोमीटर 0.00 से 11.840 तक पुनर्स्थापना एवं नहरी भूमि सीमांकन परियोजना कार्य के लिए 40 लाख रुपये की अवशेष धनराशि अवमुक्त कर दी है। इस संबंध में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है।जारी आदेश के अनुसार यह धनराशि परियोजना के शेष कार्यों को गति देने और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण कराने के उद्देश्य से जारी की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि नहर तंत्र को सुदृढ़ बनाकर किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके तथा नहरी भूमि का स्पष्ट सीमांकन सुनिश्चित हो।शासनादेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परियोजना के अंतर्गत कराए जाने वाले सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा में पूर्ण कराए जाएं। इसके लिए संबंधित मुख्य अभियंता को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों को भी कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रदेश सरकार ने कहा है कि सिंचाई व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। राजवाहा सिकंदरपुर परियोजना को क्षेत्रीय कृषि विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।