सेवा के बल पर राजनीति में कदम: रुधौली से चाँदनी चौधरी ने ठोकी दावेदारी, बोलीं– पति का सेवाभाव बनेगा मेरी ताकत
-बिना पद के समाजसेवा से बनी पहचान, महिलाओं की भागीदारी पर दिया सशक्त संदेश
रुधौली/बस्ती। कहते हैं कि सेवा किसी पद की मोहताज नहीं होती, और इस कथन को बीते तीन वर्षों से रुधौली विधानसभा क्षेत्र 309 में समाजसेवी मनोज चौधरी अपने कर्मों से साकार करते नजर आ रहे हैं। बिना किसी औपचारिक पद के रहकर उन्होंने क्षेत्र के लोगों के सुख-दुःख में लगातार अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। आमजन की समस्याओं में तत्परता से खड़े रहने वाले मनोज चौधरी का यही सेवाभाव अब राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
इसी सेवाधारा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मनोज चौधरी की पत्नी चाँदनी चौधरी ने रुधौली विधानसभा से अपनी दावेदारी ठोक दी है। उनके इस कदम ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। बस्ती न्यूज टाइम्स से दूरभाष पर हुई विशेष बातचीत में चाँदनी चौधरी ने स्पष्ट कहा कि उनके पति का निस्वार्थ सेवाभाव ही रुधौली विधानसभा में उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिलाएगा।
चाँदनी चौधरी ने कहा कि बीते वर्षों में उनके पति ने बिना किसी भेदभाव के क्षेत्र की सेवा की है। चाहे वह गरीब परिवारों की मदद हो, किसानों की समस्याएं हों या धार्मिक-सामाजिक कार्य—हर मोर्चे पर मनोज चौधरी ने सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता ऐसे सेवाभावी परिवार को आगे बढ़ाने का मन बनाएगी।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर चाँदनी चौधरी ने बेबाक जवाब दिया। उन्होंने कहा, “आज महिलाएं साइकिल से लेकर विमान तक उड़ा रही हैं। जब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, तो राजनीति में कदम रखने में भी कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। विशेषकर तब, जब पारिवारिक पृष्ठभूमि ही राजनीति और समाजसेवा से जुड़ी हो।”
उन्होंने आगे कहा कि राजनीति को वह सेवा का माध्यम मानती हैं, न कि केवल सत्ता का साधन। चाँदनी चौधरी के अनुसार, बीते समय में उनके परिवार द्वारा क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाकर सुरक्षा को मजबूत किया गया, वहीं धार्मिक स्थलों पर सोलर लाइटें लगवाकर ऊर्जा संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया।
सामाजिक सरोकारों की बात करें तो चाँदनी चौधरी ने बताया कि उनके परिवार ने सौ से अधिक बेटियों के कन्यादान में सहयोग किया है। इसके साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान से जुड़ी समस्याओं में भी हर संभव सहायता प्रदान की गई, ताकि किसानों को समय पर उनका हक मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंदों की आवाज बनना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी।
क्षेत्रीय जनता में भी इस दावेदारी को लेकर मिश्रित लेकिन उत्सुक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सेवा के रास्ते राजनीति में प्रवेश का स्वाभाविक कदम मान रहे हैं, तो कुछ इसे आने वाले चुनावों की रणनीतिक शुरुआत बता रहे हैं। हालांकि, इतना तय है कि चाँदनी चौधरी की दावेदारी ने रुधौली विधानसभा की सियासी तस्वीर को नया मोड़ दे दिया है।
अंत में चाँदनी चौधरी ने कहा कि यदि जनता का आशीर्वाद मिला, तो वह रुधौली को विकास, सुरक्षा और सामाजिक समरसता का मॉडल क्षेत्र बनाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगी। उनका कहना है कि सेवा की जो शुरुआत बिना पद के हुई थी, वही सेवा अब जनप्रतिनिधि के रूप में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेगी।