उमा पब्लिक स्कूल में नए सत्र का प्रवेश प्रारम्भ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर बनी है अलग पहचान

उमा पब्लिक स्कूल में नए सत्र का प्रवेश प्रारम्भ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर बनी है अलग पहचान

 

-शिक्षा कोई व्यापार नहीं, विद्या का मंदिर है विद्यालय-अनूप मिश्रा

 

बस्ती। बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके उमा पब्लिक स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा यह जानकारी दी गई कि नए सत्र को लेकर अभिभावकों में उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग विद्यालय पहुंचकर प्रवेश संबंधी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

उमा पब्लिक स्कूल के निदेशक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा कभी भी रोजगार या व्यापार का साधन नहीं हो सकती। शिक्षा का बाजारीकरण समाज और आने वाली पीढ़ी दोनों के लिए घातक है। उनका कहना था कि विद्यालय संचालन का उद्देश्य केवल इतना होना चाहिए कि संस्थान का आवश्यक खर्च निकाला जा सके, न कि शिक्षा को मुनाफे का माध्यम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि उमा पब्लिक स्कूल अपने सिद्धांतों और मूल्यों से कभी समझौता नहीं करता। हमारे लिए विद्यालय केवल एक संस्था नहीं, बल्कि विद्या का मंदिर है, जहां बच्चों के चरित्र, संस्कार और भविष्य का निर्माण होता है।

निदेशक ने बताया कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देना है। शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियां, नैतिक शिक्षा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के विकास पर भी बराबर जोर दिया जाता है, ताकि विद्यार्थी हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने कहा कि उमा पब्लिक स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। विद्यालय का प्रबंधन तंत्र हमेशा से ही अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकों की एक मजबूत टीम के साथ कार्य करता आया है। शिक्षक न केवल विषय विशेषज्ञ हैं, बल्कि छात्रों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें सही मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं।

प्रधानाचार्य ने आगे बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के साथ-साथ अनुशासनपूर्ण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे छात्र निर्भय होकर सीख सकें और अपनी प्रतिभा को निखार सकें। नए सत्र में भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे समय रहते प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कराएं और अपने बच्चों को एक संस्कारयुक्त, गुणवत्तापूर्ण एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करें।