लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को राजधानी लखनऊ स्थित योजना भवन में प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में हुए दुखद निधन पर शोक व्यक्त करने के साथ हुई। उपमुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में तीन करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए और एक करोड़ दीदियों को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल समूहों से जोड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पूरी तरह सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाना भी आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक विकास खंड में 25 हजार महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य तय करते हुए गहन निगरानी के साथ कार्य किया जाए।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेरणा कैंटीन का दायरा बढ़ाया जाएगा और समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बेचने के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे। ब्लॉक परिसरों में खाली पड़ी जगहों पर स्टॉल उपलब्ध कराकर दीदियों को व्यापार के अवसर दिए जाएंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ की तर्ज पर शुरू की गई ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना पर भी जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा दुकान या कैंटीन खोलने की योजना बनाई जाए, जहां प्रदेश के सभी 75 जिलों के उत्पाद और व्यंजन उपलब्ध हों।बैठक में ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को दोहराते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच खुले व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद यूरोप के बाजारों तक भी पहुंचेंगे।उपमुख्यमंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग की पीएम एफएमई योजना के तहत 826 विकास खंडों में पांच करोड़ रुपये की लागत से इकाइयां स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस योजना में 35 प्रतिशत सब्सिडी और 90 प्रतिशत सौर ऊर्जा सब्सिडी का प्रावधान है। बुंदेलखंड क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां 80 हजार महिलाएं बलिनी दुग्ध प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ी हुई हैं और प्रदेश में इस तरह की पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां कार्यरत हैं। ऐसी कंपनियों को सभी मंडलों में स्थापित करने की कार्यवाही की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि 75 जिलों में कम से कम 75 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए और प्रत्येक जिले में 100 दीदियों को करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिए महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को और मजबूत करना आवश्यक है।उपमुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्कूली ड्रेस बनवाने के प्रयासों पर जोर दिया और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समूहों के सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए और जहां सबसे अधिक सदस्य सक्रिय हों, उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाए। सीएलएफ के अंतर्गत होने वाले सभी भुगतानों को सीधे खातों में किए जाने और आवंटित बजट का समय पर व्यय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में 14 लखपति दीदियों ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसा कार्य किया जाए कि अगली बार प्रदेश के प्रत्येक जिले से लखपति दीदी इस आयोजन का हिस्सा बनें। उन्होंने ई-रिक्शा चला रही दीदियों के लिए चार्जिंग की सुविधा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।उपमुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी बच्चों के लिए संचालित टेक होम राशन प्लांटों की समीक्षा करते हुए बताया कि 202 से अधिक इकाइयों में से 40 को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा चुका है। शेष इकाइयों को भी सौर ऊर्जा से जोड़कर सब्सिडी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिलों में दिशा बैठकों और ग्राम चौपालों को समय से आयोजित करने, एक माह पूर्व कैलेंडर जारी करने और लाभार्थीपरक योजनाओं के स्टॉल लगाने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने कहा कि इनक्यूबेशन सेंटर, जहां ब्रांडिंग और पैकेजिंग का कार्य होगा, स्वयं सहायता समूहों को सौंपे जाएंगे। अमृत सरोवरों को हरा-भरा रखने और उनमें जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने ‘स्मार्ट गांव’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि गांवों के समग्र विकास से ही विकसित भारत के विजन को साकार किया जा सकता है।ग्रामीण आजीविका मिशन में उत्कृष्ट कार्यों के लिए वाराणसी, अंबेडकर नगर, इटावा, बुलंदशहर और संभल के मुख्य विकास अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही इन जिलों के एक-एक ब्लॉक मिशन मैनेजर को भी सम्मानित किया गया। बैठक में ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, मिशन निदेशक, प्रमुख सचिव, आयुक्त सहित सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारी उपस्थित रहे।