ARO पवन शर्मा ने ग्रामीणों से की सहयोग की अपील, बोले- पारदर्शी सर्वे से मिलेगा मालिकाना हक
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। जनपद की ग्राम सभा सरायरासी के माझा क्षेत्र में पिछले छह दशकों से लंबित सर्वे का कार्य अंततः शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने इस दिशा में बड़ी कार्रवाई की है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित के निरंतर प्रयासों और ग्रामीणों की मांग को देखते हुए, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने सहायक अभिलेख अधिकारी (ARO) पवन शर्मा को मौके पर भेजकर कार्य का शुभारंभ कराया।
दशकों के अंधेरे से उजाले की ओर किसान प्रतिनिधि जिला पंचायत अध्यक्ष आलोक सिंह रोहित ने बताया कि 1960 के दशक से ही पिछली सरकारों की अनदेखी के कारण सरायरासी माझा में सर्वे नहीं हो सका था। इसके चलते किसानों के पास कंप्यूटराइज्ड खतौनी नहीं थी, जिससे बैंक लोन मिलना नामुमकिन था और आए दिन जमीन को लेकर खूनी संघर्ष की स्थिति बनी रहती थी। उन्होंने इस ऐतिहासिक कदम के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। सहायक अभिलेख अधिकारी (ARO) की ग्रामवासियों से मार्मिक अपील सर्वे कार्य के दौरान विशिष्ट जनों की उपस्थिति में ARO पवन शर्मा ने ग्रामीणों से संवाद किया और एक महत्वपूर्ण अपील जारी की सभी सम्मानित ग्रामवासी सर्वे की इस प्रक्रिया में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें। अपनी भूमि की सीमाओं के साक्ष्य प्रस्तुत करें ताकि रिकॉर्ड को पूरी तरह पारदर्शी और विवाद-रहित बनाया जा सके। यह सर्वे आपकी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने और आपको सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए है। किसी भी भ्रामक जानकारी में न आएं और मौके पर उपस्थित रहकर अपनी मेड़ और मालिकाना हक सुनिश्चित कराएं। विकास के खुलेंगे नए द्वार सर्वे पूरा होने और खतौनी ऑनलाइन होने के बाद सरायरासी के किसानों को न केवल किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अन्य कृषि ऋण मिल सकेंगे, बल्कि जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी पर भी लगाम लगेगी। इस अवसर पर ग्राम सभा के गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का धन्यवाद करते हुए सर्वे टीम को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। ऐतिहासिक पहल: 60 वर्षों से अटकी सर्वे प्रक्रिया प्रशासन ने की शुरू। विवादों का अंत: स्पष्ट रिकॉर्ड होने से भूमि संबंधी झगड़ों पर लगेगी रोक। ARO की अपील: सटीक रिकॉर्ड के लिए किसानों का मौके पर रहना अनिवार्य। आभार आलोक सिंह रोहित ने इसे किसानों की बड़ी जीत बताया।