राम नगरी में फिल्म ‘गोदान’ का भव्य शंखनाद महंत नृत्य गोपाल दास ने विमोचित किया पोस्टर

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में गौ-संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संवर्धन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने अपने आवास पर आगामी हिंदी फिल्म ‘गोदान’ का आधिकारिक पोस्टर रिलीज किया। इस अवसर पर फिल्म जगत और संत समाज की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। समुद्र मंथन की ‘सुरभि’ और वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है फिल्म । फिल्म के निर्माता विनोद चौधरी ने अयोध्या आगमन पर मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि ‘गोदान’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक जन-जागरण अभियान है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म समुद्र मंथन से प्राप्त हुई दिव्य बछिया ‘सुरभि’ के पौराणिक संदर्भों और गाय से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को आधार बनाकर तैयार की गई है। फिल्म का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति में गाय की उपयोगिता और उसके आध्यात्मिक महत्व को पुनर्जीवित करना है।
6 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में होगी रिलीज लगभग 2 घंटे 10 मिनट की यह फिल्म आगामी 6 फरवरी को पूरे भारत के सिनेमाघरों में एक साथ प्रदर्शित की जाएगी। फिल्म के निर्माण के पीछे के मुख्य उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए निर्माता ने कहा:
गौ जन-जागरण युवा पीढ़ी जो अपनी संस्कृति और गाय के महत्व को भूलती जा रही है, उन्हें फिर से जड़ों से जोड़ना। हर घर में गौ-रक्षक फिल्म का लक्ष्य है कि देश के हर घर में गाय के प्रति सम्मान पैदा हो और एक रक्षक तैयार हो। सांस्कृतिक संवर्धन: भारतीय समाज में गाय को केवल पशु नहीं, बल्कि पूजनीय माता के रूप में पुनर्स्थापित करना। गाय हमारी संस्कृति की रीढ़ है। ‘गोदान’ के माध्यम से हम चाहते हैं कि जन-जन तक गाय की महिमा पहुंचे और समाज का हर वर्ग इसके संरक्षण के लिए आगे आए।” — विनोद चौधरी, फिल्म निर्माता संतों का मिला आशीर्वाद
पोस्टर रिलीज के दौरान महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने फिल्म की सफलता के लिए आशीर्वाद दिया और समाज से अपील की कि वे इस फिल्म को जरूर देखें। उन्होंने कहा कि गौ-सेवा ही राष्ट्र सेवा है और ऐसी फिल्में समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करती हैं।