महेन्द्र कुमार उपाध्याय
सोहावल (अयोध्या)। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक पंचायत में किसानों ने हुंकार भरते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का निस्तारण शीघ्र नहीं हुआ, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। सोहावल ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित इस पंचायत में किसानों ने स्थानीय समस्याओं को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया।
अधिकारियों को घेरा, समस्याओं पर हुई तीखी चर्चा पंचायत के दौरान आईएसबी मनोज कुमार तिवारी और एडीओ महिला सुषमा रानी को मौके पर बुलाकर किसानों ने बिंदुवार समस्याओं पर चर्चा की। किसान नेता फरीद अहमद ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, निस्तारण नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दो सप्ताह के भीतर पिछली समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो अगली पंचायत आंदोलन का रूप ले लेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। आवारा पशु और भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दे पंचायत की अध्यक्षता कर रहे प्रेम शंकर वर्मा और संचालन कर रहे फरीद अहमद ने प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए आवारा पशुओं का आतंक: हिंसक सांडों के कारण लोग चोटिल हो रहे हैं और फसलें बर्बाद हो रही हैं। सरकार इस मुद्दे पर विफल दिख रही है। इन्हें तत्काल गौशाला भिजवाया जाए। आवास एवं शौचालय में भेदभाव: आरोप लगाया गया कि ग्राम प्रधान पात्रों को छोड़कर अपनों को लाभ पहुंचा रहे हैं। छूटे हुए पात्र व्यक्तियों की जांच कराकर उन्हें आवास और शौचालय दिलाया जाए। पेंशन और जलभराव: रुकी हुई वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन तत्काल जारी हो। पिलखवा (अरकुना) ग्राम सभा में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। विकास कार्य: आगेथुवा ग्राम सभा में हरिराम लोहार के घर से सुरेश प्रजापति के घर तक खरंजा व नाली निर्माण तथा सोहावल ब्लॉक की जर्जर सड़क व आवासीय परिसर की मरम्मत कराई जाए।
इनकी रही मौजूदगी इस अवसर पर जवाहरलाल तिवारी, राजू निषाद, लल्लू शर्मा, राम अवतार दादा, मंगरु राम, आसमा निशा, गुड़िया, श्रीमती, लाजवती सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और किसान उपस्थित रहे।