नाबालिग से गैंगरेप के दो आरोपियों को संदेह का मिला लाभ, हुए दोषमुक्त

 

बस्ती। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार की अदालत ने 13 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए गैंग रेप के मामले में दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
अभियोजन के अनुसार हरैया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि 17 अक्टूबर 2019 को उसकी 13 वर्षीय पुत्री को रात करीब 12 बजे गांव निवासी अयोध्या प्रसाद व संजय कुमार वर्मा उसका मुंह दबाकर रात्रि में उसकी 13 वर्षीय पुत्री को प्राथमिक विद्यालय में उठा ले गए और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। जिस समय घटना हुई उसकी नाबालिग पुत्री नित्यक्रिया हेतु घर के बाहर निकली थी। जिसे अकेली पाकर दोनों आरोपियों ने दबोच लिया और दुष्कर्म किया।सामूहिक दुष्कर्म की शिकार पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और अपनी आपबीती बताई। हर्रैया पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। विवेचना में लगाये गये आरोप झूठा पाए जाने पर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दिया था। वादी मुकदमा ने इस मामले में न्यायालय के माध्यम से विचारण चाहा था। न्यायालय ने पक्षो की बहस सुना। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राम कृपाल चौधरी ने बहस दौरान कहा कि वादी मुकदमा अभियुक्त अयोध्या प्रसाद के माता का भाई लगता है। वादी मुकदमा नेवासे पर रहते है जिससे दोनों परिवार में जमीनी विवाद है। इसी वजह से झूठा फंसाया गया है। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन उपरांत मत दिया कि अभियोजन पक्ष अभियुक्त के विरुद्ध लगाये गये आरोप को साबित करने में असफल रहा है। न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।