अयोध्या में रामदास जी महाराज को कंठी-चादर देकर महंतई प्रदान, भक्ति और सेवा के पथ पर एक नया अध्याय
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या धाम (फ़ैज़ाबाद)। धर्मनगरी अयोध्या में भक्ति, ज्ञान और सेवा के पथ पर चलते हुए श्री रामदास जी महाराज को आज विधिवत महंत घोषित किया गया। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग स्थित श्री जानकी मंदिर बकफनी आश्रम में आयोजित भव्य महंतई समारोह और श्री रामार्चा महायज्ञ में देश भर के पूज्य संतों की उपस्थिति में उन्हें कंठी-चादर देकर महंत की उपाधि प्रदान की गई। चलने वाले धार्मिक आयोजनों का एक मुख्य हिस्सा है। पूज्य संतों ने किया महंतई का अनुमोदन महंतई समारोह आज 30 नवंबर 2025 को प्रातः 11 बजकर 30 मिनट पर आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक क्षण में अयोध्या के सभी साधु-संतों, महंतों और विशिष्टजनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सामूहिक रूप से श्री रामदास जी महाराज (ओंकारेश्वर और माता तारादेवी शक्तिपीठ, भोपाल) को आशीर्वाद देते हुए उन्हें महंतई की चादर भेंट की।
श्री रामदास जी महाराज अब श्री राम जानकी मंदिर बकफनी आश्रम (रातीवाड़, भोपाल – म.प्र.) के मुख्य पद पर प्रतिष्ठित हुए हैं।
धार्मिक अनुष्ठान और विशिष्ट उपस्थिति श्री रामार्चा महायज्ञ: इस अवसर पर अयोध्या के विद्वानों और श्री 108 तुलसीदास नव्य न्यायाचार्य जी महाराज द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री रामार्चा महायज्ञ का अनुष्ठान संपन्न कराया गया, जिसने पूरे वातावरण को दिव्य ऊर्जा से भर दिया। संरक्षक संत: इस आयोजन को ब्रह्मलीन पूज्यपाद श्री महन्तकंटेश्वर स्वामी श्री अभिराम दास जी महाराज (ऋषिकेश) एवं श्री शत्रुघ्न दास भगवान बालयोगी जी (अयोध्या धाम) का संरक्षण प्राप्त हुआ। मुख्य यजमान: कार्यक्रम के मुख्य यजमान बकफनी दादा जी महाराज के कृपापात्र शिष्य श्री महंत श्री कृष्ण दास जी महाराज रहे ।व्यवस्थापक मंडल कार्यक्रम की व्यवस्था श्रीमति भारती बसवराज जी एवं श्रीमान रवीन्द्र कुमार जी (बेंगलुरु, कर्नाटक) द्वारा संचालित की गई, जबकि आयोजक श्री मणिराम दास जी महाराज एवं हनुमा दास जी गुरु भाई (भरतपुर) रहे।यह महंतई समारोह न केवल श्री रामदास जी महाराज के लिए बल्कि उनके अनुयायियों और पूरे धार्मिक समुदाय के लिए भक्ति और सेवा के नए अध्याय की शुरुआत है। यह भव्य आयोजन धर्मप्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा, जिसमें भक्तों ने संत-महात्माओं के दिव्य दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किए।