गुलशन पाठक बने फातेह नशिस्त
बहराइच/ बज़्मे नूरे अदब की महाना ग़ज़ल की तरही नशिस्त आज मिसरे तरह //- **आ गया फिर बहार का मौसम ** — पर मरहूम असर बहराइची साहब के दौलतखाने में सम्पन्न हुई जिसकी सदारत बुज़ुर्ग शायर जनाब सय्यद नेपाली साहब ने की और निज़ामत मुशायरे के मशहूर नाज़िम जनाब राशिद राही साहब ने की। आज की नशिस्त में मरहूम असर बहराइची के चश्मो चिराग नायब सदर नय्यर साहब के बेटे हुसैन ‘असर’ ने मरहूम असर बहराइची की नात-ए- पाक से नशिस्त का आगाज़ किया । नशिस्त में आये हुए शायरों में डॉक्टर मुबारक अली, सगीर आबिद रिज़वी, नाज़िम बहराइची, साजिद बहराइची, गुलशन पाठक, राशिद राही ने मिसरे तरह पर अपनी बेहतरीन ग़ज़लें पेश की। 
तंज़ीम के सरपरस्त हाजी सेराज नय्यर साहब व सदर महफ़िल जनाब सय्यद साहब ने फातेह नशिस्त अवार्ड बेहतरीन ग़ज़ल के लिए शायर गुलशन पाठक साहब को दिया। तंज़ीम के सदर जावेद जाफरी व सरपरस्त हाजी सेराज नय्यर ने आज इस नशिस्त की सदारत कर रहे जनाब सय्यद नेपाली साहब को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।