जनपद के 63 उर्वरक बिक्री केंद्रों पर भेजी गई 10 हज़ार बोरी यूरिया

जनपद में पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है उर्वरक: जिला कृषि अधिकारी

बहराइच 27 अगस्त। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव द्वारा अवगत कराया गया है वर्तमान में जिले में 3772 मैट्रिक टन यूरिया, 5286 मैट्रिक टन डीएपी, 2777 मैट्रिक टन एनपीके एवं 12008 मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक उपलब्ध है। जनपद की सभी समितियो पर उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अब तक जनपद में 57739 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण हो चुका है। गत मंगलवार को जिले में 461 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि कल जनपद को 4200 बोरी यूरिया उर्वरक गोंडा रैक पॉइंट से प्राप्त होगी जिसे तत्काल सभी उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों पर भेजा जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि 27 अगस्त को बीपीएसीएस सर्रामुन्दरी, खरगापुर व चफरिया संघ को 22.500-22.500 मै. टन, खैरीदिकौली को 18.000 मै. टन, चौकसहार, बेहड़ा व फखरपुर संघ को 13.500-13.500 मै. टन यूरिया भेजी गई है।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद के किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार उर्वरक का वितरण सुनिश्चित कराये जाने हेतु जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर सीमावर्ती व अन्य क्षेत्रों में लगातार छापामारी की कार्यवाही की जा रही है। जनपद में उर्वरक की कालाबाज़ारी में संलिप्त 03 व्यक्तियों तथा 01 उर्वरक विक्रेता के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी गई तथा 05 व्यक्तियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 12 व्यक्तियों का लाइसेंस निरस्त किया गया है तथा 26 उर्वरक विक्रेताओं का लाइसेंस निलम्बित किया जा चुका है। सीमावर्ती क्षेत्र में एसएसबी व पुलिस विभाग से समन्वय कर बड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिले की सभी समितियों एवं विक्रय केन्द्रों पर पुलिस, राजस्व व कृषि विभाग की देख-रेख में उर्वरक का वितरण कराया जा रहा है। उर्वरक वितरण के सम्बन्ध में शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर ए.आर. को-आपरेटिव, जिला प्रबंधक पीसीएफ एवं इफको के प्रतिनिधि के साथ प्रतिदिन बैठक कर उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की जाती है तथा जिन समितियों पर पांच मैट्रिक टन से कम यूरिया उपलब्ध होती है वहां उर्वरक भेजने की कार्रवाई की जा रही है। जनपद में उर्वरक की कमी नहीं लगातार यूरिया रैक प्राप्त हो रही है। जिले को प्राप्त होने वाली उर्वरक को सहकारी समितियां एवं प्राइवेट दुकानदारों के यहां भेजा जा रहा है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया है कि यूरिया उर्वरक को एडवांस में खरीद कर भंडारण ना करें।

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