अयोध्या में 21 सितंबर को निकलेगी भव्य कलश यात्रा: केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति की बैठक में निर्णय

 

अयोध्या केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति, अयोध्या मंडल की शक्ति वाहिनी की एक महत्वपूर्ण बैठक छोटी देवकाली मंदिर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता शक्ति वाहिनी प्रमुख बिंदु सिंह ने की, जिसमें इस वर्ष होने वाली दुर्गा पूजा और कलश यात्रा की तैयारियों पर चर्चा हुई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पिछले साल की तरह इस साल भी 21 सितंबर को पारंपरिक कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा दोपहर 2.30 बजे लता मंगेशकर चौराहे के पास स्थित संत तुलसीदास घाट से शुरू होगी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में माताएं और बहनें भाग लेंगी। बिंदु सिंह ने बताया कि यह 23वीं कलश यात्रा होगी, जिसमें भक्तों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। बैठक के दौरान नीलम श्रीवास्तव को शक्ति वाहिनी का सह प्रभारी भी बनाया गया। समिति के संयोजक महंत धनुषधारी शुक्ला ने बताया कि पिछले साल अयोध्या नगर में 67 स्थानों पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया था और इस वर्ष भी लगभग उतनी ही समितियां सभी नियमों का पालन करते हुए पूजा करेंगी। उन्होंने प्रशासन से सहयोग न मिलने पर कुछ बाधाएं आने की बात भी कही, लेकिन विश्वास दिलाया कि इन समस्याओं को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष रमापति पांडे ने कहा कि भले ही इस वर्ष नगर निगम और प्रशासन का पूर्ण सहयोग नहीं मिल रहा है, फिर भी केंद्रीय पूजा रामलीला समिति सभी समितियों की समस्याओं का समाधान करेगी। प्रवक्ता भानु प्रताप सिंह ने बताया कि सभी दुर्गा पूजा समितियों से संपर्क किया जा रहा है और उनसे 21 सितंबर को कलश यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया गया है। यह यात्रा सरयू नदी के तट पर वरुण आवाहन के साथ शुरू होगी, जो नया घाट से होते हुए श्रृंगार घाट और हनुमान जी के द्वार तक जाएगी। इसके बाद छोटी देवकाली माता का पूजन और प्रसाद वितरण होगा। बैठक में पार्वती कौशल, नीलम श्रीवास्तव, प्रभावती, माया, बदामा, अंजू, नीलम मौर्य सहित लगभग दो दर्जन महिलाओं ने हिस्सा लिया।