अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, और इस भीड़ की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अयोध्या जल पुलिस ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बीते चार सालों में, इस बहादुर टीम ने लगभग 600 लोगों की जान बचाकर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
श्रद्धालुओं के लिए जीवनरक्षक कवच महाकुंभ, चैत्र रामनवमी, सावन झूला और कार्तिक मेले जैसे बड़े आयोजनों में करोड़ों श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान करने के लिए आते हैं। ऐसे मौकों पर, जल पुलिस के जवान हर घाट पर तैनात रहकर लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकते हैं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बचाव कार्य करते हैं। पिछले चार महीनों में ही, उन्होंने 40 श्रद्धालुओं को गहरे पानी से सुरक्षित बाहर निकाला है। बहादुरी और सेवा का जज़्बा जल पुलिस सिर्फ लोगों को ही नहीं बचाती, बल्कि असहाय और बीमार श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाने में भी मदद करती है। उनका यह काम उनकी संवेदनशीलता और सेवा भाव को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने नदी में कूदने वाले 20 से अधिक लोगों को भी बचाया है और कई बार पशु-पक्षियों जैसे गाय, मोर और हिरण को भी नदी से बाहर निकालकर वन विभाग को सौंपा है।
ये हैं अयोध्या जल पुलिस के जांबाज
अयोध्या जल पुलिस के इन निडर जवानों में जल पुलिस प्रभारी रूबे प्रताप मौर्य, कांस्टेबल नित्यानंद यादव, और कांस्टेबल सुरेंद्र यादव का विशेष योगदान रहा है। इनके साथ-साथ हेड कांस्टेबल बृजेश साहनी, कांस्टेबल मुरारी लाल, कांस्टेबल शिव कुमार, कांस्टेबल अजीत, कांस्टेबल अखिलेश, और कांस्टेबल दुर्गा प्रसाद भी लगातार सक्रिय रहकर अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की रक्षा कर रहे हैं।
उनकी बहादुरी और तत्परता ने लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाया है।