🏵️🙏ओ३म् 🙏🏵️
*सावन की वर्षा में अमृत की वर्षा*






🙌श्रावणी उपाकर्म 🙌 वैदिक काल की शाश्वत परंपरा उपाकर्म को पुनर्जीवित किया गया। *आर्य परिवार जनपद बाराबंकी* ने
इस अवसर पर जनपद
के सुदूर क्षेत्रों से पहुंचे
आर्य भगिनी/ भाईयों ने *अर्वाचीन रक्षासूत्र*
की जगह सनातन से
चली आ रही वैदिक व्यवस्था के तहत *यज्ञोपवीत के त्रि-सूत्र*
को धारण उस पर सत्य विचार देते हुए कहा कि इस त्रि-सूत्र
यज्ञोपवीत [जनेऊ ]के तीन धागों को धारण करने से हर मनुष्य व्रत लेता है कि ……..
*[१*]तीन धागे पितृ ऋण – ऋषि ऋण – देव ऋण का स्मरण करवाते हैं और उनसे उऋण होने का जीवन भर प्रयास करता है –
*पितृ-ऋण* मैं अपने माता पिता की हर सत्य व उचित आज्ञा पालन करूँगा और उन्होंने मुझे जो पालने व बड़ा करने में कष्ट उठाये उनसे अपनी सेवा द्वारा उऋण होने की सदा जीवन भर कोशिश करता रहूँगा।
*ऋषि-ऋण* मैं अपने आचार्य या गुरु जिससे शिक्षा ग्रहण की उसकी शिक्षाओं पर पूरा उतरुंगा कभी सत्य विद्या के मार्ग से भटकुंगा नहीं।
*देव-ऋण* मैं सदा ईश्वर का धन्यवाद करूँगा जो उन्होंने मुझे मनुष्य जन्म दिया और जीवन यापन का हर साधन दिया तथा विद्या का प्रकाश करके मुझे योग से मोक्ष का मार्ग बताया।
*[२]* मन – वचन – कर्म से पवित्रता रहुंगा।
*[३]* ज्ञान – कर्म – उपासना द्वारा में
सदा-सदा ही सजग
हो आपने ज्ञान को निरन्तर बढ़ाता रहुंगा और उस ज्ञान के अनुसार कर्म करुंगा फिर मैं ईश्वर की उपासना से ज्ञान और कर्म को खंडित न करने का दृढ़ संकल्प प्राप्त करूँगा।
इन संकल्पों के साथ सभी *भगिनी/भाईयों* से सामूहिक रुप से तज्ञोपवीत धारण किया!
*आचार्य सत्यप्रकाश*
सुप्रसिद्ध ,स्वनाम धन्य भजनोपदेशक आचार्य श्री सत्य प्रकाश जी ने अपने संबोधन में कहा भारत के प्रत्येक *युवक-युवतियों* को पं० रामप्रसाद विस्मिल,साहित्कार महादेवी वर्मा,भगत सिंह जी,चंद्रशेखर आजाज व महाराणा प्रताप सहित माता सीता,गार्गी को आदर्श मानकर गले में *यज्ञोपवीत व शिर पर शिखा व कमर कटार व हाथ मे वेद व तलवार लेकर* सनातन संस्कृति के लिए हमेशा बलिदान होने को तत्पर रहना चाहिए।
*जै श्री राम आर्य*
भारत स्वाभिमान पतंजलि के बाराबंकी जनपद के *संयोजक* श्री राम आर्य ने कहा जब तक *मातृ शक्ति यज्ञ/यज्ञोपवीत/वेद स्वाध्याय व शस्त्र विद्या* सीखकर राष्ट्र की मुख्य धारा से नहीं जुड़ती देश तब सुरक्षित नहीं हो सकेगा!
*युवा प्रधान राजीव*
जिसा समाज बाराबंकी के *युवा-यशस्वी-तेजस्वी-कर्मठ प्रधान* प्रियवर राजीव अवस्थी ने कहा *जनेऊ की रक्षा के लिए जान* भी देनी पड़ेगी हम तत्पर रहेंगे!
*पंडिता रुक्मिणी शास्त्री*
आर्यावर्त्त साधना सदन की संचालिका पंडिता रुक्मिणी शास्त्री के कुशल नेतृत्व मे *शहर जनपद के भगिनी/भाई* ग्रामीण अंचल में पहुंचे।यज्ञ की व्यवस्ता एवं कार्यक्रम के विविध प्रचार क्षेत्रों पर आपने अथक परिश्रम किया।
*ठाकुर हरेंद्र सिंह*
ग्राम घेरी न ई बस्ती के *प्रतिष्ठित यजमान* आदरणीय ठाकुर हरेंद्र सिंह जी ने प्रतिकूल मौसम के बाद भी *भब्य यज्ञ व्यवस्था,अतिथि सत्कार,अल्पाहार* की उत्तम व्यवस्था के साथ🛕 *सावन की वर्षा में अमृत की वर्षा*🛕 का वातावरण बनाया।उन्होंने लोगों को प्रेरित किया कि *मातृ शक्ति को यज्ञ/यज्ञोपवीत/वेद स्वाध्याय* से जोड़े बिना भारत माता का सपना पूरा नहीं हो सकता!
इसके अतिरिक्त सुप्रसिद्ध आर्य समाजी दीवान जी।माता राजरानी।पंडित देवेन्द्र द्विवेदी।अर्जुन देव पुरोहित।पंडित रमेश तिवारी शाले नगर।युवा आर्य बृजेश द्विवेदी लखन ऊ।नवयुवक यजमान चंदन सिंह,यजमान दिवाकर सिंह। *ब्रह्मचारी अच्युत* एवं बालिका ओजस्वी ने भी संपूर्ण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया!
*आचार्य सुरेश जोशी*
🌴वैदिक प्रवक्ता🌴
आर्यावर्त्त साधना सदन
बाराबंकी उत्तर प्रदेश!
📱 *7985414636*📱