मछुआरों के लिए वैवाहिक और शैक्षिक सहायता योजना का शुभारंभ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष के तहत वैवाहिक सहायता और शिक्षा सहायता कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मछुआ समुदाय के विकास और उनके उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गरीब मछुआ परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, शिक्षा सहायता के अंतर्गत विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिकतम लाभार्थी इससे लाभान्वित हो सकें।डॉ. संजय निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में मत्स्य विभाग की अहम भूमिका है। प्रदेश में मत्स्य उत्पादन 26% की रिकॉर्ड वृद्धि पर पहुंच गया है। उन्होंने अधिकारियों को प्रधानमंत्री मत्स्य विकास योजना और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक मछुआरों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके।उन्होंने योजनाओं की आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर देते हुए कहा कि लाभार्थी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड योजना की निगरानी सुनिश्चित करने और इसके लिए कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए।इस अवसर पर प्रमुख सचिव मत्स्य, के. रविंद्र नायक ने प्रदेशभर में योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर देने को कहा। महानिदेशक मत्स्य, राजेश प्रकाश ने बताया कि यह योजना मछुआ समुदाय के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। निदेशक मत्स्य, एन.एस. रहमानी ने वैवाहिक और शैक्षिक सहायता योजनाओं के महत्व और उनकी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।