रमज़ान का महीना बड़ी बरकतों का है, यह बरकतों के साथ बड़ी अज़्मतों का है, आज होगा चाँद,,,,,


अनुराग लक्ष्य, I मार्च
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार जैसे ही शाबान का महीना गुजरने लगता है। मुसलमान की धड़कनें तेज़ होने लगती हैं उस खुशी को पाने के लिए, जिसे रमज़ान का महीना कहा जाता है। इसी लिए यह कहना पड़ता है कि,
,,,, रमज़ान का महीना बड़ी बरकतों का है,
यह बरकतों के साथ बड़ी अज़्मतों का है,
रोज़े भी रखो और तरावीह भी पढ़ो तुम,
रमज़ान का महीना बड़ी नेमतों का है,,,,,
जी हाँ, यह सब्र का महीना है। जिस भी बंदे ने अपनी भूख प्यास के साथ विशेष रूप से अपनी नमाजों और तिलावत ए कुरआन को गले लगाया, उसके लिए निजात है। साथ ही मार्फत ए इलाही को भी पा लेता है।
वैसे तो इस वक्त महराष्ट्र और खासकर मुंबई का तापमान दिन में ही 35/36 चल रहा है और इसके साथ ही गर्मी अभी से ही अपना रंग दिखाना शुरू कर चुकी है । ऐसे में कुछ दिक्कतें तो रोज़दारियों को ज़रूर देखने को मिल सकता है लेकिन जो खुदा के नेक और सालेह बंदे होंगे उनके लिए यह धूप गर्मी और प्यास की शिद्दत कोई मायने नहीं रखती।
आज से मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ों के लिए एहतमाम किया जा रहा है। कल इतवार को रमज़ान का पहला रोज़ा रखा जाएगा।