गेहूं की फसल पर गर्मी का असर, उत्पादन में आएगी गिरावट

पिछले साल 1.39 लाख हेक्टेयर में बोई गई थी गेंहूं की फसल
पांच लाख एक हजार 158 मीट्रिक टन हुआ था गेंहू का उत्पादन
बस्ती: जिले में एक लाख 41 हजार 289 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल बाेई गई है। मौसम में आई गर्माहट फसल को प्रभावित कर रही है। गेहूं के पौधे की बढ़वार रुक गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिक तापमान से गेहूं का दाना पतला व कमजोर रह जाएगा। उत्पादन में गिरावट हो सकती है। गर्मी का असर सबसे अधिक पछेती फसल पर पड़ेगा। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार कि जनवरी के बाद गेहूं की फसल में बाली आने लगती है व होली तक फसल पकने लगती है। लेकिन इस बार 25 जनवरी के बाद से ही तापमान बढ़ने लगा है। इससे गेहूं के उत्पादन में कमी आ सकती है। जिस तरह से इस समय गर्मी पड़ रही है, उससे पौधे की बढ़वार रुक गई है। अब अगर बारिश या ओस नहीं मिली तो गेहूं का दाना पतला होगा व उत्पादन में गिरावट होगी।

नमी बनाए रखने के लिए करते रहें सिंचाई
सामान्यतः एक बीघा में 9 से 12 मन यानी पांच क्विंटल तक उत्पादन होता है लेकिन इस बार सात से 10 मन यानी 4 क्विंटल के आसपास तक उत्पादन होने का अनुमान है। पौधा छोटा होने पर भूसा भी कम होगा। किसानों को चाहिए कि खेत में नमी बनाए रखने के लिए लगातार सिंचाई करते रहें।

जनपद में इस बार गतवर्ष की तुलना में अधिक रकबे में गेंहू की बुआई की गई है। जहां पिछली बार एक लाख 39 हजार 781 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई की गई थी। 501158 एमटी गेंहू की पैदावार हुई थी। वहीं इस बार एक लाख 41 हजार 289 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेंहू की फसल बोई गई है। अभी तक फसल के उत्पादन पर असर नहीं दिख रहा है लेकिन किसान समय-समय पर सिंचाई करते रहें। इस बार सरसों की फसल काफी अच्छी हुई है।
:डा. बीआर मौर्य, जिला कृषि अधिकारी, बस्ती