टावर लोकेशन खोलेगा रागिनी की हत्या का राज

Basti

कमपोजिट विद्यालय खपड़ही, कप्तानगंज में 10 फरवरी दिन में मिली छात्रा रागिनी के शव की गुत्थी सुलझाने और साक्ष्य संकलन में पुलिस टीम लगातार जुटी हुई हैं। स्वजन के मोबाइल का काल डिटेल रिकार्ड व टावर डंप लोकेशन पुलिस ने निकाल कर उस पर मंथन शुरू कर दिया है। कब्र से निकाल कर छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शाक्ड एंड हैमरेज आया था। मृत्यु की वजह स्पष्ट नहीं पाया गया है। विसरा सुरक्षित कर उसके नमूने को फोरेंसिक साइंस लैब गोरखपुर रिसीव करा दिया गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात साबित हो चुकी है कि रागिनी ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। हत्यारे का मकसद साबित करने में पुलिस टीमें लगी हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन खुद ही घटना की मानीटरिंग कर रहे हैं। घटना के एक सप्ताह बाद भी स्वजन पुलिस को बात-बात पर गुमराह करते जा रहे हैं। हत्या की वारदात की जांच-पड़ताल में पुलिस काे कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं। स्वजन पुलिस को जो भी मृत्यु का कारण बता रहे थे, उनपर विश्वास नहीं किया जा सकता है। उनके अनुसार छात्रा मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। उसने आत्महत्या कर ली जबकि सीन आफ क्राइम व पीएम रिपोर्ट से आत्महत्या की पुष्टि नहीं हो सकी है। घर वाले झूठ बोल रहे थे कि उन्होंने शव को जला कर अंत्येस्टि की थी, जबकि वास्तविकता यह थी कि शव को दफनाया गया था। सख्ती करने पर असलियत बताई तब जाकर शव कब्र से निकाल कर उसका पोस्टमार्टम हो सका।

इस मामले में कड़ी से कड़ी जोड़ने में पुलिस टीमें लगातार जुटी हुई हैं। अब तक जांच में जो भी तथ्य आए हैं, उसमें किसी शातिर दिमाग ने ही इस घटना को अंजाम दिया है। मामले का पर्दाफाश हर हाल में होगा। स्वजन के मोबाइल के सीडीआर, टावर डंप लोकेशन, आइपीडीपीआर निकाला का उसका परीक्षण कराया जा रहा है। फोरेंसिक साइंस लैब गोरखपुर में व्यक्ति रूप संकलित साक्ष्य के सैंपल को रिसीव करा दिया गया है। कई अहम सबूत हाथ लगे हैं।