पश्चिमी पंगत के मुखिया का हुआ अभूतपूर्व ऐतिहासिक पट्टाभिषेक सभी अखाड़ों के संत महंतों ने किया तिलक चादर

 प्रयागराज  श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन की परंपरा में पहली बार कुंभ के पहले संपूर्ण भेष भगवान की मौजूदगी में पश्चिमी पंगत के महंत का चयन हुआ । महंत पद पर दिल्ली दरबार श्री हरिहर आश्रम के ब्रह्मलीन महंत गुरुशरण दास जी महाराज के शिष्य संत रामनौमी दास जी का पट्टाभिषेक किया गया। इस अवसर पर संपूर्ण राष्ट्र से विराजमान संत समाज ने उन्हें तिलक चादर कर पद विभूषित किया सम्मानित किया।‌
कुंभ के पहले ऐसा अवसर पहली बार हुआ है। बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ गाजे बाजे की मंगलमय ध्वनि के मध्य पौष प्रतिपदा के दिन श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के मुख्यालय कीडगंज में इस भव्य आयोजन को संपूर्ण पारंपरिक पौराणिक व्यवस्था के साथ आहूत किया गया। इस अवसर पर सभी अखाड़ों के मंहत, संत, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, श्री हनुमान जी मंदिर बंधवा वाले के मुख्य कर्ताधर्ता महंत आदि सभी की सन्निधि में सभी की सहमति से बाल्यावस्था से संत परंपरा का अनुगमन कर रहे श्री रामनौमी दास जी को पश्चिमी पंगत का महंत विभूषित किया गया।
 सबसे पहले अखाड़े के पंच परमेश्वर के द्वारा पश्चिमी पंगत के नवनिर्वाचित महंत को तिलक चादर किया गया। उसके बाद लगभग दो ढाई सौ संतों ने उनकी तिलक चादर की रस्म निभाई जो अपने में एक इतिहास है। इस आयोजन में श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन और समस्त उदासीन संप्रदाय ने हर्षोल्लास पूर्वक एकमत एक स्वर से एकत्रित रहा।