

अनुराग लक्ष्य, 10 दिसंबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
एक तरफ जहां देश के बेरोजगार , रोज़गार पाने के लिए दिन रात एडी चोटी एक किए रहते हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ बदकिस्मत ऐसे भी हैं कि नौकरी पाने के तीसरे दिन ही मौत का खूनी खेल खेलने लगते हैं।
जी हाँ, सूत्रों के अनुसार जिस ड्राइवर के जरिए इतना बड़ा हादसा हुआ है उसकी ज्वाइनिंग का वो तीसरा दिन था। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार ड्राइवर तकरीबन 100 मीटर तक नशे में धुत बस को कभी इधर कभी उधर, दाएं बाएं, चलाता हुआ घुमाता हुआ 30 से 40 गाड़ियों को ठोकता हुआ, रास्ते में चल रहे मर्द औरत बच्चों को रौंदता हुआ कुचलता हुआ अंबेडकर उद्यान के गेट में टक्कर मार दी।
रास्ते और सड़कों पर पड़ी हुई लाशों को देखकर लोगों के होश उड़ गए। गाजर मूली की तरह काट कर रख दिया।
अभी तक 7 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 50 से ज्यादा लोग घायल हैं।कुछ का इलाज कुर्ला के बाबा अस्पताल में चल रहा है।
बेस्ट कर्मचारी की इस शैतानियत से जनता बहुत आक्रोशित है।