*अनुपम खेर, रितुपर्णा सेन गुप्ता, जूही बब्बर अर्पिता चटर्जी के म्यूजिकल प्ले ‘माई नेम इज जान’ के ग्लोबल प्रीमियर पर पहुंचे* 

मुंबई। अनुपम खेर, रितुपर्णा सेन गुप्ता और जूही बब्बर सहित कई हस्तियां अर्पिता चटर्जी के मुंबई में माई नेम इज जान के भव्य ग्लोबल प्रीमियर पर हाज़िर हुईं। सभी को यह म्यूजिकल शो काफी पसंद आया जो बेमिसाल गौहर जान की असाधारण कहानी को पेश करता है। इस शो के द्वारा दरअसल गौहर जान की विरासत को एक ट्रिब्यूट पेश किया गया।
मुम्बई के बाल गंधर्व रंगमन्दिर में अनुपम खेर थोड़ी दूर पैदल चलकर आए और कहा कि इस ऑडिटोरियम में 1981 में मेरा पहला जॉब बतौर टीचर था, उस वक्त मैं पैदल चल कर आया था, आज भी मैं ट्रैफिक की वजह से अपनी कार से उतर कर कुछ दूर तक पैदल चलकर यहां तक पहुंचा। थिएटर तक पैदल ही आना पड़ता है।”
अनुपम खेर को यह म्यूजिकल प्ले काफी पसन्द आया। उन्होंने कहा कि यह एक परफेक्ट प्रोडक्शन है। डिज़ाइन, म्युज़िक, परफॉर्मेंस, लाइटिंग, प्रस्तुतिकरण, लाइव म्युज़िक के हिसाब से ये एक रिमार्केबल शो रहा।
बहुत दिनों बाद मैंने इतनी बेहतरीन परफॉर्मेंस देखी। अर्पिता ने तो कमाल कर दिखाया है। क्या रेंज है इनकी अदाकारी की। मैंने इनसे बहुत कुछ सीखा। मैं बहुत खुश हूं कि मैं यहां आया और मैंने आर्ट का यह नमूना देखा।”
रितुपर्णा सेन गुप्ता ने कहा कि गौहर जान की जिंदगी पर आधारित यह शो बेमिसाल है। वह भारत की महान आर्टिस्ट थीं। यह उपन्यास भी मैं पढ़ चुकी हूं। अर्पिता चटर्जी ने स्टेज पर इसे बेहतरीन ढंग से पेश किया है। डायरेक्टर की भी प्रशंसा करनी होगी जिन्होंने इतना खूबसूरत म्यूजिकल प्ले प्रस्तुत किया। गौहर जान की कहानी बहुत खास है। यह प्ले सभी दर्शकों के लिए शानदार तोहफा है।”
अर्पिता चटर्जी ने कहा कि मैं बहुत सम्मानित और गौरवांवित महसूस कर रही हूं कि मुझे गौहर जान की भूमिका निभाने का मौका मिला।
एक्टिंग के साथ सिंगिंग करने का भी अवसर प्राप्त हुआ। शो को जिस तरह का रेस्पॉन्स मिला है मैं निःशब्द हूँ और दिल से बेहद खुश हूं।”
भारतीय शास्त्रीय संगीत को आकार देने में गौहर जान की अग्रणी भूमिका और ग्रामोफोन पर गीत रिकॉर्ड करने वाली पहली भारतीय कलाकार के रूप में उनकी अभूतपूर्व उपलब्धि को यह शो पेश करता है। इस शो की स्टार अर्पिता चटर्जी एक प्रतिष्ठित अभिनेत्री, प्रशिक्षित शास्त्रीय डांसर और निपुण गायिका हैं। दो दशकों से ज़्यादा के करियर में अर्पिता ने बंगाली, हिंदी और उड़िया सिनेमा में पचास से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया है, जिससे वह दिग्गज गौहर जान की भूमिका निभाने के लिए एक आदर्श विकल्प बन गईं।
गौहर जान के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण 1902 में आया जब वह जर्मन साउंड इंजीनियर विलियम गेसबर्ग की बदौलत ग्रामोफ़ोन पर गाना रिकॉर्ड करने वाली पहली भारतीय कलाकार बनीं। इस नाटक में गौहर जान की असाधारण प्रतिभा को बड़ी बारीकी से बुना गया है, जिसमें ख्याल, ठुमरी और कीर्तन जैसे भारतीय शास्त्रीय रूपों को दिखाया गया है, जिन्हें अर्पिता चटर्जी ने प्रस्तुत किया है। माई नेम इज जान उस महान हस्ती को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने भारत और जर्मनी के बीच स्थायी सांस्कृतिक आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह शो 27 अक्टूबर 2024 को बाल गंधर्व रंग मंदिर, मुंबई में, 24 नवंबर 2024 को स्टैडथिएटर, गमुंडेन, ऑस्ट्रिया में, 25 नवंबर 2024 को कांग्रेस और थिएटर, बैड इस्चल, ऑस्ट्रिया में, 18 और 19 जनवरी 2025 को श्री राम सेंटर, दिल्ली में, 24 जनवरी 2025 को हैदराबाद में और 13 अप्रैल 2025 को द रोज़, ब्रैम्पटन, कनाडा में देखा जा सकेगा।
अबन्ति चक्रवर्ती ने शो का कुशल निर्देशन किया है।
कॊरील राजॆश कुमार