बस्ती। बस स्टेशन पर जाम हटाने के लिए जहां रोडवेज कर्मियों की दिन-रात ड्यूटी लगाई गई है, वहीं रोडवेज चौकी पर तैनात पुलिस कर्मी कोई भी कार्रवाई करने से कतराते हैं। इसकी शिकायत कमिश्नर स्तर की बैठक में रोडवेज अधिकारियों ने की तो क्षेत्र के सिपाही व एआरएम में नोंकझोंक हो गई। बाद में पहुंचे कोतवाल, चौकी इंचार्ज ने जाकर मामला शांत कराया।
बता दें कि सड़क सुरक्षा व बस स्टेशन पर जाम को लेकर मंडलायुक्त व डीएम ने बैठक किया था। जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि पुलिस व परिवहन निगम के कर्मचारी मिलकर बस स्टेशन पर जाम नहीं लगने देंगे। इसके लिए एआरएम आयुष भटनागर ने डीएम को भी पत्र लिखकर पुलिस का सहयोग मांगा था। चुनिंदा कर्मचारियों को डिपो परिसर से बसों को निकलवाने व जाम हटवाने के लिए लगा दिया। जिला प्रशासन व एसपी ने कोतवाली व सम्बन्धित पुलिस चौकी को भी नोटिस भेज कर जाम हटाने में सहयोग करने को कहा था। सुबह के समय सिपाही नोटिस लेकर चौकी पर बैठा था कि उसी समय एआरएम वर्कशॉप से निकलकर अपने कार्यालय जाने लगे। सिपाही ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और नोटिस के बारे में पूछताछ करने लगा। इसको लेकर दोनों लोगों के बीच नोकझोंक होने लगी। किसी ने इसकी सूचना कोतवाल व चौकी इंचार्ज को दी तो वे मौके पर पहुंचे, मामला शांत करवाया। एआरएम ने बताया कि बस स्टेशन पर जाम हटवाने के लिए रोडवेज कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें पुलिस को सहयोग के लिए भी जिला प्रशासन से कहा गया है। किसी भी हालत में बस स्टेशन के पास जाम नहीं लगने दिया जाएगा।