हरीश द्विवेदी मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने असम के प्रदेश प्रभारी

बस्ती। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री बस्ती के निवर्तमान सांसद हरीश द्विवेदी को भाजपा ने अहम जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने उन्हें असम प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद को नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त किया।

           मीडिया प्रभारी नितेश शर्मा ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में उक्त आशय की जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार देर रात पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने संगठनात्मक नियुक्ति की सूची जारी किया। जिसमें हरीश द्विवेदी को असम का प्रदेश प्रभारी बनाया गया। उनके मनोनयन पर भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र, यशकांत सिंह, सुशील सिंह, पवन कसौधन, राजेश पाल चौधरी, गजेंद्र सिंह, अनूप खरे, जगदीश शुक्ल, प्रमोद पांडेय, अश्विनी उपाध्याय, नितेश शर्मा, अमृत वर्मा, अमित चौबे, दुष्यंत विक्रम सिंह, प्रदीप पांडेय, वरुण सिंह, भानु प्रताप सिंह, सुनील सिंह, बृजभूषण पांडेय, शैलेंद्र दूबे, परमेश्वर शुक्ल पप्पू, राकेश उपाध्याय, श्यामनाथ चौधरी, राकेश शर्मा, दिलीप पांडेय, आलोक पांडेय, रोली सिंह, अखिलेश शुक्ल आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया।

इनसेट:

एबीवीपी की छात्र राजनीति से प्रदेश प्रभारी का सफर

1991 में बस्ती में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संपर्क में आए। दो वर्ष बाद वो दो साल के लिए (1993 से 95) तक विद्यार्थी परिषद, बस्ती के जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। 1995 से 98 तक एबीवीपी गोरखपुर के विभाग संगठन मंत्री भी रहे। इसी दौरान गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलावा डिग्री कॉलेजों में एबीवीपी संगठन से छात्रों का जुड़ाव करवाया या यूं कहें कि गोरखपुर से ही हरीश द्विवेदी ने अपने प्रदेश का राजनीतिक सफर की शुरूआत की।
1998 से 2000 तक प्रयागराज में विभाग संगठन मंत्री, 2000 से 2003 तक प्रयागराज के साथ ही सुल्तानपुर विभाग के संगठन मंत्री भी रहे। 2004 में भाजपा की प्रदेश टीम के संपर्क में आए। 2005 से 2007 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी के राजनीतिक सलाहकार बनकर जिम्मेदारी निभाई। ये वही समय था जब उन्हें भाजयुमों के प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी के बाद 2007 से लेकर 2010 तक प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर रहे। 2012 में विधानसभा का टिकट पहली बार मिला जिसमें हार का सामना करना पड़ा। 2010 से 2013 तक भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रहे। लेकिन हरीश अपने लक्ष्य से भटके नहीं और 2014 में लोकसभा के टिकट पर पहली बार बस्ती के सांसद बने। 2019 में उन्होनें दोबारा जीत दर्ज किया, किंतु 2024 लोकसभा चुनाव में पराजित हो गया। एक बार फिर भाजपा ने उन्हें असम का कमान प्रभारी के रूप में सौंपा। इससे पूर्व हरीश द्विवेदी बिहार व पश्चिम बंगाल के सह प्रभारी भी रहे।

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