लखनऊ। प्राइवेट प्रैक्टिस करने के आरोप में डॉक्टर की वेतन वृद्धि रोक दी गई है और उसे परिनिंदा प्रविष्टि भी दी गई है। सोनभद्र के जिला संयुक्त चिकित्सालय में कार्यरत वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. माधुरी सिंह पर निजी प्रैक्टिस करने का आरोप लगा है। जांच में प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। आगे जांच पूरी होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, फर्रुखाबाद के डाॅ. राम मनोहर लाेहिया चिकित्सालय में तैनात आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी पर गलत तरीके से मेडिको लीगल किए जाने के मामले पर उन्हें आरोप पत्र दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा को निर्देश दिए हैं कि वह चिकित्सक के खिलाफ जांच शुरू करें और कड़ी कार्रवाई की जाए। इसी तरह गोरखपुर के पिपरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. नीतू कुमारी और सीएचसी कौड़िया पर तैनात चिकित्साधिकारी मनीष कुमार चौरसिया पर मरीजों से अभद्र व्यवहार करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में विभागीय अनुशासनिक जांच कराए जाने के आदेश दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को सख्त चेतावनी दी है कि वह अपने व्यवहार में बदलाव लाएं और कोई भी गलत कार्य न करें वरना उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।