कवयित्री प्रीती द्विवेदी (प्रीती देवी) “साहित्य श्री” सम्मान से हुई सम्मानित

शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में अपना योगदान देने वाली कवयित्री प्रीती द्विवेदी ( प्रीती देवी ) को रायपुर के “वक्ता मंच” द्वारा “साहित्य श्री” सम्मान से सम्मानित किया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय सामाजिक साहित्यिक संस्था वक्ता मंच द्वारा 21 जुलाई को गुरु घासीदास साहित्य अकादमी न्यू राजेंद्र नगर रायपुर में पुस्तक विमोचन एवं स्व. छत्रसिंह बच्छावत स्मृति रचनाकार सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एल. एस. निगम, पूर्व कुलपति अध्यक्षता डॉ. सुरेन्द्र रावल शिक्षाविद तथा विशेष अतिथि के रूप सुरेश शुक्ला, वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते, संयोजक शुभम साहू साहित्यकारा किरणलता वैद्य जी उपस्थित थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पूजा अर्चन कर किया गया। वक्ता मंच द्वारा साहित्य एवं कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जेष्ठ एवं बाल कवियों से लेकर अन्य 100 लोगों को राज्य स्तरीय साहित्य श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। जिसमें कवियित्री प्रीती द्विवेदी (प्रीती देवी) जी को उनके सामाजिक,साहित्यिक रचनात्मक सृजनता के आधार पर साहित्य “श्री सम्मान” पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

ज्ञातव्य है कि विद्या वाचस्पति मानद सम्मान से सम्मानित हो चुकी कवयित्री प्रीती द्विवेदी (प्रीती देवी) महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण, शिक्षा के महत्व, गुरु की महत्ता, नशा उन्मूलन, प्रेम , समर्पण, जीवन के संघर्ष के साथ ही साथ समसामयिक विषयों पर कविता, ग़ज़ल, लघुकथा, तुकांत, अतुकांत, छंद, संस्मरण अनेक विधाओं पर काव्य लेखन करती हैं , इसके साथ ही अनेक जाने माने प्रतिष्ठित मंचों पर उत्कृष्ट कार्यकर्ता, लेखिका के रूप में भी उनको पहचान मिली है। तीन चार वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंच साहित्य संगम संस्थान, नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक मंच, हिंदी काव्य कोश मंच के साथ ही तुलसी साहित्य अकादमी रायपुर जिला इकाई में महत्वपूर्ण योगदान देती आई हैं,जिसके लिए उन्हें अनेक पुरस्कार एवं सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। कवियित्री प्रीती द्विवेदी इस समय रायपुर, बिरगांव के एक प्राइवेट विद्यालय में एक शिक्षिका के रुप में अपनी सेवा दे रही है। प्रीती द्विवेदी की इस उपलब्धि के लिए उनके गुरुजनों,साहित्यकार मित्रों, संबंधियों , मित्रों एवं अनेक मंचों द्वारा उन्हें प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष दोनों ही तरह से ढेरों बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी गई।

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