अनुराग लक्ष्य, 16 जुलाई
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
दुनिया कहां से कहां पहुंच गई लेकिन अभी कुछ लोग अपने वेवसाय को बढ़ाने के लिए हमेशा ऐसे रास्ते का चुनाव करते हैं। जो इस समाज के लिए बिल्कुल सही नहीं होता।
ऐसा ही एक मामला मुंबई के भिवंडी का मामला संज्ञान में आया जहां अवैध तरीके से चल रहे बार और होटलों की अब खैर नहीं है। मनपा आयुक्त अजय वैध के आदेश पर प्रशासन ने शहर में बगैर अनुमति के चल रहे 35 बार रेस्टोरेंट और 20 अवैध होटलों को क्लोजर नोटिस दिया है।
साथ प्रदेश के मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने भी ऐसे स्थानों, अवैध बियर बार, लाज, हुक्का पार्लर, पब, और नशीली दवाओ के बिक्री करने वालों पर कारवाई के निर्देश दिए हैं। मनपा लाइसेंस के मुताबिक दुकानदारों को लाइसेंस विभाग और अग्निशमन दल से परमाडपत् लेना भी जरूरी है। लेकिन 35 बार रेस्टोरेंट और 20 अवैध होटलों ने लाइसेंस नहीं लिया, इसलिए उन्हें यह नोटिस जारी किया गया ।
अब देखना यह है कि मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे और मनपा द्वारा उठाए गए इस कदम का ऐसे होटल वेवसाइयों पर इसका क्या परभाव पड़ता है, इनमें कोई सुधार होता है, या यह बार रेस्टोरेंट और होटल ऐसे अवैध रूप से अपने कारोबार को आगे भी संचालित करते रहेंगे।