सुप्रीम कोर्ट में फिर दायर हुई याचिका, ओएमआर शीट्स के पुनर्मूल्यांकन की मांग

नईदिल्ली,15 जून । राष्ट्रीय प्रवेश-सह पात्रता परीक्षा (नीट)-यूजी 2024 में कथित अनियमितता और धांधली का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।अब परीक्षार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर कर स्कोर में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए जिसमें सभी ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं के पूर्ण पुनर्मूल्यांकन, परीक्षार्थियों की दोबारा रैंकिंग जारी करने और कोर्ट की निगरानी में पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।परीक्षार्थियों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अधिवक्ता तन्वी दुबे और अरिहंत जैन की ओर से दायर याचिका में आरोप है कि छात्रों को ओएमआर शीट की तुलना में उनके स्कोरकार्ड पर अलग-अलग अंक दिए गए हैं। ये विसंगतियां ग्रेस मार्क्स के कारण नहीं थी।इसी तरह एनटीए ने समय के नुकसान के लिए अपनई गई ग्रेस मार्क्स की विधि/मानदंड का भी कोई खुलासा नहीं किया।ग्रेस मार्क्स के लिए कोई परिभाषित तर्क भी नहीं दिया गया है। ऐसे में पूरी परीक्षा जांच के दायरे में है।
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से एनटीए द्वारा 4 जून (परिणामों की घोषणा) और 6 जून (परिणाम प्रश्नों पर स्पष्टीकरण) की प्रेस विज्ञप्तियों को अवैध मानकर रद्द करने, सभी ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं का पूर्ण पुनर्मूल्यांकन, परीक्षार्थियों की दोबारा रैंकिंग जारी करने और कोर्ट की निगरानी में पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।इससे पहले एनटीए ने 13 जून को कोर्ट में जवाब देते हुए 1,563 उम्मीदवारों को दिए गए ग्रेस मार्क्स वापस लेने की बात कही थी।

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