अनुराग लक्ष्य, 13 जून
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता।
क्या बात है पनघट पे नहीं दिखती शोखियां
बच्चे भी नहीं आते पकड़ने को तितलियां
नदियों का जल कुछ इतना विषैला हुआ लोगों
पानी से निकलने के हैं बेताब मछलियां
जी हां, नदियां सूख रहीं हैं, तालाब गड्ढों में तब्दील हो रहे हैं। और मछलियां पानी के बगैर तड़फड़ा रहीं हैं। इतना ही नहीं, इंसान इस चिपचिपाती गर्मी को झेलने में असमर्थ । बढ़ते हुए तापमान का हाल मत पूछिए, झुलसते बदन, जलता हुआ सूरज और धरती से निकलने वाली अंदरूनी तपिश ने उत्तर प्रदेश वासियों का जीना मुश्किल कर दिया है इस आसमानी तपिश ने।
फिलहाल मौसम विभाग ने 13, 14, और 15 के होने वाली तबाही और आने वाले भीषड़ तूफानी बरसात से जनता को आगाह कर दिया है। जो अपने साथ धूल भरी आंधी, बर्फ और ओले गिरने की संभाएना के साथ भीसड तूफान की आशंका जताई है। जिससे जनता को साधन हो जाना चाहिए।
इस तूफान में बसती, गोरखपुर, देवरिया, पडरौना, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बाराबंकी, लखनऊ, कानपुर, बनारस, कौशांबी, इलाहाबाद, सहित पूरे उत्तर प्रदेश में इसका असर देखा जा सकता है।