अयोध्या l लेखक और वरिष्ठ कवि जी.डी. माडगुलकर द्वारा लिखित, आदर पूर्वक (आधुनिक वाल्मिकी) कही जाने वाली और महान संगीतकार सुधीर फड़के की आवाज से अमर हुई (गीत रामायण) हर मराठी मानस पर अंकित है।अयोध्या बाईपास पर स्थिति श्री राम ऑडिटोरियम मे प्रितमेश कुलकर्णी के सहयोग से हुए कार्यक्रम मे रविवार को भारी संख्या मे दर्शक पहुँचे और गीतरामायण के भाव मे डूबे दिखे गीतरामायण की भारत गौरव यात्रा कार्यक्रम के रूप में आकार संस्थानी के 50 कलाकारों ने महाराष्ट की संस्कृति का अनमोल गौरव बालक और सखी गीतरामायण को हिंदी में प्रस्तुत कर प्रशंसकों को रामायण काल मंत्रमुग्ध सैर कराई। कार्यक्रम की शुरुवात संस्थापिका आकार संस्था श्रीमती चित्रा देशपांडे ने दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन के साथ किया गया। चित्रा देशपांडे और सुखदा खांडकेकर ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सम्पूर्ण मानवजाति को आदर्श जीवन के लिये मार्गदर्शन देना, बुराई से सदैव दूर रहने की सीख देना और हर कार्य को सच्चे और अच्छे मन से करने की प्रेरणा प्रदान करना है। राम के जीवन से हम सभी त्याग, अनुशासन और विनम्रता का समावेश करें। प्रभु श्री राम ने समाज को सत्य, दया, करुणा, धर्म और कर्तव्य परायणता का जो पाठ पढ़ाया है उसका समावेश कर हम सभी, व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक जीवन में सामंजस्यता और समरसता का संचार करें और राष्ट्र उत्थान के लिए प्रयत्नशील हों।