पावन सरयू नदी में दी गई जल समाधि
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में बाल्यकाल से वैराग्य का जीवन प्रारंभ करने वाले भजनानंदी संत, मां सरयू के पावन तट पर विराजमान सिद्धपीठ करतलिया आश्रम के साथ भारत और नेपाल में स्थित दर्जनों आश्रमों के पीठाधीश्वर महंत विजयराम दास योगी राज महराज
62 वर्ष की उम्र में साकेत वासी हो गये। उनका अंतिम संस्कार वैष्णो सनातन परंपरा के अनुसार उनके शिष्य श्रीधाम अयोध्या स्थित करतलिया बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर महंत बाल योगी रामदास महाराज ने किया। अयोध्या सहित पूरे देश के संतों में शोक की लहर व्याप्त है।
बाल योगी महाराज ने बताया कि गुरुदेव भगवान गुजरात स्थित आश्रम में गए हुए थे वहां उनकी तबीयत खराब हुई अस्पताल में भर्ती कराया गया मैं भी अयोध्या से तत्काल गुरुदेव के पास पहुंचा और उनकी इच्छा अनुसार अयोध्या लेकर आ रहा था और अयोध्या परिक्षेत्र में पहुंचने के बाद गुरुदेव भगवान का शरीर शांत हो गया वैष्णो सनातन परंपरा के अनुसार और गुरुदेव भगवान की इच्छा के अनुरूप विधि विधान से गुरुदेव भगवान का अंतिम संस्कार मां सरयू के पावन जल में किया गया और प्रभु श्री राम लला उनको अपने चरणों में स्थान दें इसके लिए परंपरा के अनुसार जो भी नियम है दाह संस्कार के बाद मैं उसका पालन कर रहा हूं और नियम अनुसार गुरुदेव भगवान का 13वीं संस्कार किया जाएगा जिसमें श्रीधाम अयोध्या सहित गुजरात राजस्थान मध्य प्रदेश नेपाल में गुरुदेव भगवान द्वारा संचालित दर्जनों आश्रमों से संत महंत और सभी आश्रमों से जुड़े शिष्य पारिकर गुरुदेव भगवान के 16वीं संस्कार में शामिल होंगे। संस्कार के समय श्री संकट मोचन हनुमान किला के महंत परशुराम दास, महंत विनोद दास महान अंगद दास, महंत कन्हैया दास महंत आनंद दास, कम्युनिस्ट पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी अरविंद सेन यादव राम बक्श यादव अखिलेश चौबे सुबोध यादव, गुजरात से बलवंत बघेल सहित सैकड़ो की संख्या में लोग सम्मिलित हुए।